केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार हैंडीक्राफ्ट के विकास और देशभर के कारीगरों के कल्याण पर विशेष रूप से संकल्पबद्ध है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक कारीगर सालाना 5 लाख रुपए कमाने में सक्षम हो। वे ग्रेटर नोएडा के इंडियन एक्सपोजिशन मार्ट में ईपीसीएच को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शनिवार से शुरू होने वाले इंडियन हैंडीक्राफ्ट एंड गिफ्ट फेयर का शुक्रवार रात को ही उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि 40 नए बाजारों को लक्ष्य किया है और आने वाले समय में 60 हजार करोड़ रुपए के निर्यात लक्ष्य तक पहुंचने की उम्मीद है। गिरिराज सिंह ने कहा कि देश के हैंडीक्राफ्ट को प्रदर्शित करने वाला यह फेयर वाकई सराहनीय है। यह फेयर दुनियाभर से खरीदारों, डिजाइनरों और उद्योगों को आकर्षित करता है। उन्होंने राजस्थान के एक्सपोर्टर जोधपुर के राधेश्याम रंगा के स्टैंड लटियाल हैंडीक्राफ्ट का अवलोकन किया तथा जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट की जानकारी दी। इस अवसर पर ईपीसीएच के चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि सरकार के समर्थन, मार्गदर्शन और समय-समय पर किए गए हस्तक्षेपों के साथ देश के हैंडीक्राफ्ट में लगातार प्रगति हो रही है। क्षेत्र निरंतर प्रगति कर रहा है। फेयर की वजह से इस बार एक्सपोर्ट को बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। ईपीसीएच के डायरेक्टर जनरल डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि यह आयोजन देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित व्यापार मेलों में से एक है, जो हमारे सदस्य निर्यातकों की उद्यमशीलता को दर्शाता है। फेयर में देशभर के तीन हजार से ज्यादा एक्सपोर्टर्स हिस्सा ले रहे हैं। इनमें राजस्थान से 500 तथा जोधपुर से 250 से ज्यादा एक्सपोर्टर्स हैं। उन्होंने इंडिया एक्सपो सेंटर के बारे में भी केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी। टैरिफ कम होने से एक्सपोर्टर्स को मिलेगी राहत : राधेश्याम रंगा
ईपीसीएच के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश रावत ने कहा कि फेयर में 109 से अधिक देशों के विदेशी खरीदार, बाइंग कंसल्टेंट्स तथा भारत के प्रमुख रिटेल व ऑनलाइन ब्रांड के प्रतिनिधि और घरेलू वॉल्यूम खरीदारों ने अपनी सोर्सिंग आवश्यकताओं के लिए शो में आने की पुष्टि की है। जोधपुर के वरिष्ठ निर्यातक राधेश्याम रंगा ने बताया कि 50% अमेरिकन टैरिफ की वजह से एक्सपोर्टर्स काफी परेशान दिखाई दे रहे थे। टैरिफ कम होने से यहां के एक्सपोर्टर्स को भारी राहत मिलेगी।


