रायपुर में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत 50 से ज्यादा चौक-चौराहों और सड़कों पर 550 से ज्यादा हाईटेक कैमरे लगाए हैं। यह शहर की तीसरी आंख है, जिससे चोर-लुटेरों के साथ-साथ ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नजर रखी जा रहा है। पुलिस को इससे जहां चोरों का क्लू मिल रहा वहीं इसी की मदद से ट्रैफिक सुधारने के साथ चालानी कार्रवाई भी की जा रही है। लेकिन अब इस सिस्टम के बंद होने का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि 31 मार्च को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट बंद हो जाएगा और उसी के साथ आईटीएमएस का सिस्टम भी। क्योंकि आईटीएमएस का संचालन कर रही कंपनी का ठेका भी इसी दिन खत्म हो रहा है। शासन प्रशासन स्तर पर अब तक ये तय नहीं हुआ है कि इसका संचालन या देखरेख कौन सी एजेंसी करेगी। आईटीएमएस के संचालन के लिए हर साल 14 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। इसमें कैमरों के मेंटेनेंस से लेकर कंट्रोल रूम की देखरेख, इंटरनेट, बिजली का खर्च भी शामिल है। अब तक इसका खर्च स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से हो रहा है और सिस्टम का उपयोग पुलिस कर रही है जबकि संचालन लार्सन एंड टुन्नो कंपनी (एल एंड टी) कर रही है। कंट्रोल रूम पर हर साल 7.70 करोड़, इंटरनेट एंड एनएसपी सर्विसेज पर 5.20 करोड़ और बिजली पर सालाना 97 लाख का खर्च है। कंपनी का दो बार बढ़ाया गया कार्यकाल फिर भी फैसला नहीं हो पाया सरकार ने लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) को आईटीएमएस के संचालन का जिम्मा दिसंबर 2017 में दिया था। अगस्त 2024 को कंपनी का अनुबंध खत्म हो गया। सरकार ने इनके कार्य की अवधि तीन माह बढ़ाई थी। ताकि उस अवधि में सिस्टम के संचालन का विकल्प तय किया जा सके, लेकिन उस दौरान भी सरकार फैसला नहीं कर पाई कि इसका संचालन कौन करेगा। इस वजह से तीन माह की अवधि पूरी होने के बाद एक बार फिर चार माह के लिए कार्यकाल बढ़ाया गया। अब ये कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो रहा है। अभी भी इस बारे में कोई फैसला नहीं हुआ है। गाड़ी की रफ्तार तक बताते हैं कैमरे
आईटीएसएम के तहत 50 से ज्यादा चौक-चौराहों और सड़कों पर 550 कैमरे लगे हुए हैं। इनमें नियम तोड़ने वाले वाहनों के नंबर प्लेट की फोटो खींचने से लेकर गाड़ी की रफ्तार बताने वाले कैमरे भी हैं। इसके अलावा 83 जगह इमरजेंसी कॉल बॉक्स और पेनिक बटन हैं। 20 जगहों पर स्मार्ट पोल और वाईफाई सिस्टम लगा है। कंट्रोल रूम में बड़ी स्क्रीन लगाई गई है। दो बार हो चुकी है बैठक
आईटीएमएस के संचालन को लेकर दो बार बैठक हो चुकी है। एक बैठक गृह विभाग के अधिकारियों ने और दूसरी बैठक नगरीय प्रशासन के अधिकारियों ने ली थी, क्योंकि आईटीएमएस दोनों ही विभागों जुड़ा हुआ है। इसका उपयोग पुलिस कर रही है। इन्हें मिल सकती है जिम्मेदारी
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, रायपुर नगर निगम या फिर गृह विभाग को इस सिस्टम के संचालन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। सरकार इसके संचालन के लिए फिर से टेंडर भी जारी कर सकती है। अधिकारी सभी बिंदुओं पर विचार कर रहे हैं। जल्द फैसला होगा
अभी हाईटेक सर्विलांस सिस्टम का संचालन स्मार्ट सिटी कर रही है। शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही फैसला लिया जाएगा।
-विश्वदीप, एमडी- स्मार्ट सिटी एवं निगम कमिश्नर आईटीएमएस के कैमरे कई मामलों में पुलिस के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं। अपराध रोकने के लिए इनका संचालन जरूरी है।
– लाल उमेद सिंह, एसएसपी रायपुर


