आउटसोर्स-अस्थाई कर्मचारियों ने आंबेडकर प्रतिमा पर किया माल्यार्पण:सरकार को याद दिलाया वादा, नेताओं ने कहा-एक साल हो गए अब तो पूरा करो

आउटसोर्स एवं अस्थाई कर्मचारियों ने भोपाल में प्रदर्शन कर सरकार को अपना वादा याद दिलाया। कर्मचारी बोर्ड ऑफिस चौराहा पहुंचे और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने घोषणा पत्र में नियमित करने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अब तो सरकार बने भी एक साल हो गए हैं, अब सरकार का जल्द निर्णय लेना चाहिए। ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स एवं अस्थाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनरतले हुए इस प्रदर्शन में प्रकाश पुंज, राम द्विवेदी, विजय कुमार, डॉ. विक्रम सिंह चौधरी, राजेश कुमार मालवीय, अखिलेश श्रीवास्तव, दयाचंद वर्मा, प्रवेश कहार, रज्जूमल, मोहन सागर, धनेश कहार, विजय मालवीय सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने कर्मचारियों को आंदोलन की जानकारी दी। कर्मचारियों ने हाथों में वादा निभाओ के फ्लैक्स लेकर जोरदार नारेबाजी की। शेडमैप में चल रही गड़बड़ी को बंद कराकर उनकी जांच कराने की मांग की। संस्था आउटसोर्स कर्मचारियों का पीएफ तक जमा नहीं कर रही है। यहां के अधिकारी अपने चहेतों को आउटसोर्स कर्मचारी, सामग्री सप्लाई का ठेका दे रहे हैं, जो कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं देते हैं। शर्मा ने कहा कि आजादी के वाद का सबसे बड़ा अन्याय सरकारी एवं निजी क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक-कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन नहीं मिलना है। खुद सरकार 3, 4, 5, 8 हजार रुपए में काम करा रही है जबकि सरकार का तय न्यूनतम वेतन 11800 रुपए महीना है, जो कहीं नहीं मिल रहा, इसलिए अब जरूरत एकजुट होकर अधिकार की बात करते रहने का है। उन्होंने कहा कि जब तक अन्याय के खिलाफ हम लगातार नहीं बोलेंगे, तब तक हमारे साथ न्याय नहीं होगा, इसलिए हमें हर दिन अपनी मांगों की तरफ सरकार का ध्यान दिलाना होगा। शर्मा ने कहा कि पहली बार आउटसोर्स, अस्थाई कर्मचारियों के बारे में 50 से अधिक प्रश्न विधान सभा में लगे हैं, कांग्रेस एवं भाजपा के विधायकों ने यह प्रश्न लगाए हैं, जो यह बताता है प्रदेश के विधायक भी नौकरियों में लागू आउटसोर्स, अस्थाई प्रथा के खिलाफ हैं और सरकार से इसे समाप्त कर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने की मांग कर रहे हैं, इसलिए अब भाजपा सरकार को अपने संकल्प पत्र का वादा पूरा कर लाखों आउटसोर्स, अस्थाई कर्मचारियों के साथ न्याय करना चाहिए।

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