आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बन रही नियमावली

राज्य में आउटसोर्स पर कार्यरत हजारों कर्मियों की सेवा को विनियमित करने के लिए सरकार नियमावली को अंतिम रूप दे रही है। वित्त विभाग ने झारखंड राज्य आउटसोर्स मैन्युअल का ड्राफ्ट तैयार करने के बाद उसे कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग को भेजा है। कार्मिक की राय के बाद उस पर विधि और श्रम विभाग की भी सहमति ली जाएगी। उसके बाद कैबिनेट की स्वीकृति के साथ इसे लागू किया जाएगा। नियमावली में कई ऐसी शर्तें जोड़ी जा रही हैं, जिससे आउटसोर्स के माध्यम से राज्य के विभिन्न दफ्तरों में कार्यरत कर्मियों की सेवा पर खतरा कम हो। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अलग-अलग कैडर के पदों के लिए इस नियमावली में अर्हता को स्पष्ट किया जा रहा है, ताकि बेतरतीब ढंग से सरकारी कार्यालयों में आउटसोर्स पर कर्मी को नहीं रखा जा सके। साथ ही आउटसोर्स पर नियुक्ति के क्रम में झारखंड में लागू आरक्षण नीति को भी सुनिश्चित करने का प्रावधान रखा गया है। वेतन निर्धारण के लिए अलग से कमेटी बनाने का प्रावधान नियमावली में आउटसोर्स कर्मियों के वेतन निर्धारण के लिए अलग से कमेटी बनाने का भी प्रावधान किया जा रहा है। मैन्युअल को स्वीकृति मिलने के बाद यह कमेटी अलग-अलग कैडर के पदों पर रखे जानेवाले आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय निर्धारित करेंगे। उसी आधार उन्हें मानदेय का भुगतान किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि सेवा अवधि व अन्य शर्तों में बहुत अधिक रियायत नहीं दी जा रही है। हालांकि, प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगने तक इसमें कई और बदलाव की भी संभावना बन सकती है।

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