बीजेपी के जिलाध्यक्षों के नामों का पैनल तैयार हो गया है। गुरुवार देर रात तक बीजेपी के जिला निर्वाचन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों ने रायशुमारी में आए नामों की मेरिट लिस्ट के आधार पर पैनल तैयार किया। हर जिले के पैनल में एक महिला और जिले में एसटी, एससी वर्ग की जनसंख्या को देखते हुए इन दोनों वर्गों में से किसी एक वर्ग के एक नेता का नाम भी रायशुमारी की मेरिट के आधार पर शामिल किया गया है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मध्यप्रदेश में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्यों का चुनाव कराएंगे। पार्टी ने उन्हें प्रदेश संगठन के लिए चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है। गुरुवार देर रात तक चली बैठक
प्रदेश भाजपा कार्यालय में गुरुवार देर रात करीब सवा दस बजे तक जिले वार वन-टू-वन बैठक चली। सुबह 11 बजे से बीजेपी की प्रदेश संगठन चुनाव की पर्यवेक्षक सरोज पांडे, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश चुनाव अधिकारी विवेक शेजवलकर, सह चुनाव अधिकारी रजनीश अग्रवाल ने जिला निर्वाचन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के साथ रायशुमारी के टेबुलेशन शीट और पैनल पर चर्चा की। दोपहर 2 बजे तक फर्स्ट राउंड में 22 जिलों की चर्चा हुई। दोपहर 2.30 बजे से रात करीब 10.15 बजे तक बाकी बचे जिलों की वन-टू-वन मीटिंग हुई। आज दिल्ली भेजा जाएगा पैनल
देर रात तक चली बैठकों के बाद रायशुमारी की मेरिट लिस्ट के आधार पर 60 जिलों के पैनल बनाए गए हैं। पैनल में उन तीन नामों को सबसे ऊपर रखा गया है, जिनके पक्ष में रायशुमारी में सबसे ज्यादा कार्यकर्ताओं ने अपना समर्थन दिया है। हर जिले से एक महिला और एसटी, एससी वर्ग के नेताओं के भी नाम पैनल में शामिल किए गए हैं। तीन-तीन नामों के पैनल को आज दिल्ली भेजा जाएगा। दर्जन भर जिलों में महिलाओं को मिल सकता है मौका
बीजेपी महिलाओं को राजनैतिक भागीदारी देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। संसद में महिला बिल पारित होने के बाद अब एमपी में बीजेपी करीब दर्जन भर जिलों में महिलाओं को अध्यक्ष बना सकती है। अभी नवगठित पांढुर्णा जिले में प्रदेश की एकमात्र वैशाली महाले महिला जिलाध्यक्ष हैं। बीजेपी इस बार बडे़ शहरों में महिलाओं को अध्यक्ष बना सकती है। ऐसे में भोपाल में वंदना जाचक को मौका मिल सकता है। इंदौर नगर में दिव्या गुप्ता को मौका मिल सकता है। टीकमगढ़ में सरोज राजपूत भी लॉबिंग में जुटी हैं। दिल्ली में होगी समीकरणों की क्रॉस चेकिंग
जिलाध्यक्षों की रायशुमारी के बाद बनाए गए हर जिले से तीन-तीन नामों के पैनल का आज ही दिल्ली में केंद्रीय संगठन चुनाव से जुड़ी टीम परीक्षण करेगी। इसमें यह देखा जाएगा कि एमपी के क्षेत्रीय, जातीय समीकरणों के अनुसार जिलाध्यक्ष बनाए जा रहे हैं या नहीं। इसमें यह भी देखा जाएगा कि महिलाओं, एसटी, एससी वर्ग को कितना प्रतिनिधित्व मिल रहा है। इसके बाद दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद संभवत: कल 5 जनवरी को जिलाध्यक्षों की सूची जारी हो सकती है। पूर्व सांसद से लेकर पूर्व विधायक भी कतार में
बीजेपी का जिलाध्यक्ष बनने के लिए पूर्व सांसद, पूर्व विधायक से लेकर वर्तमान जिलाध्यक्ष और कई सीनियर नेता लॉबिंग में जुटे हैं। सागर में पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह, पूर्व विधायक हरवंश राठौर, टीकमगढ़ में पूर्व विधायक राकेश गिरि, निवाड़ी में पूर्व विधायक शिशुपाल यादव जिलाध्यक्ष बनने प्रयासरत हैं।


