भास्कर न्यूज |केरेडारी एनटीपीसी के केरेडारी कोल माइंस में कोयला खनन का कार्य कर रही एमडीओ कंपनी बीजीआर के कांटा घर के समीप आठ सूत्री मांगों को लेकर धरने पर बैठी महिला मोर्चा कुम्हरा बेंगवरी की महिलाओं का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना के दूसरे दिन भी पूर्व के भांति महिलाएं कांटा घर के समीप बैठी रही। इस दौरान बीजीआर माइनिंग के जी एम श्री निवास रेड्डी, कोयला ढुलाई कार्य कर रही ओएसएल कंपनी के प्रतिनिधि परवेज अख्तर व थाना प्रभारी पगार ओपी बिक्की ठाकुर समेत अन्य अधिकारी बातचीत करने का हर संभव प्रयास किया लेकिन विफल रहे। धरना के दूसरे दिन मोर्चा के अध्यक्ष काजल कुमार, सुनीता देवी फूलमती कुमारी, रेणु देवी समेत अन्य महिलाओं ने बताया कि दूसरे दिन बीतने को है पर अभी तक कोई सार्थक बातचीत नहीं हो पाई है। आंदोलन कर रही महिलाओं ने बताया कि धरने पर बैठी महिलाओं के परिजनों का जो बीजीआर में कार्यरत हैं उन्हें इस धरने से गुस्सा होकर ऑन लाइन उपस्थिति नहीं बनाने दिया गया। आंदोलन का समर्थन करते हुए जेएलकेएम के बालेश्वर कुमार ने कहा है कि मेरा पैर फ्रेक्चर कर गया है इसलिए पार्टी का नैतिक समर्थन आंदोलित महिलाओं के साथ है। महिलाओं को भी कार्य करने का अधिकार है इनकी बातों को सहानुभूति पूर्वक कंपनी को सुनना चाहिए । धरने पर बैठी महिलाएं। मार्च में दूसरी बार धरने पर कुम्हरा बेंगवरी की महिलाएं ज्ञात हो कि कुम्हरा बेंगवरी की महिलाओं ने दो मार्च को इसी स्थल पर आठ सूत्री मांग को लेकर धरना दिया था। पांच मार्च को वार्ता हुई लेकिन सहमति नही बन पाई। पुनः मंगलवार 18 मार्च से प्रदूषण पर रोकथाम, महिला को रोजगार से जोड़ने, पेयजल की सुविधा, पानी का छिड़काव, मंदिर का जीर्णोद्धार समेत आठ मांगों को लेकर धरना फिर से शुरू किया गया है। मौके पर कुम्हरा बेंगवरी की लगभग दो सौ महिलाएं ट्रांसपोर्टिंग सड़क पर बैठी है। इधर लगातार दो दिन चले इस आंदोलन से अभी तक एनटीपीसी व एम डी ओ बीजीआर कम्पनी को लगभग दो करोड़ के नुकसान का आकलन किया जा रहा है।


