आतंक का कोई मजहब नहीं होता: अब्दुल

बैकुंठपुर | जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में मुस्लिम समाज ने शुक्रवार को रैली निकाली। जुमे की नमाज के बाद जामा मस्जिद से सैकड़ों लोग काली पट्टी बांधकर सड़कों पर उतरे। पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’, ‘आतंकवाद मुर्दाबाद’, ‘देश के गद्दारों को बख्शा नहीं जाएगा’ जैसे नारे लगाए गए। रैली निकालकर समाज के लोग जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आतंकियों और हमले की साजिश रचने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इमाम जनाब अब्दुल हलीम ने कहा कि आतंक का कोई मजहब नहीं होता। जो देश की शांति को नुकसान पहुंचाएगा, उसका विरोध हर हाल में किया जाएगा। सेना से रिटायर्ड और अल रजा केअर फाउंडेशन के अध्यक्ष मोहम्मद कलीम ने कहा कि उन्हें भारतीय सेना पर गर्व है। यह हमला देश की संप्रभुता पर हमला है। आतंक फैलाने वालों और उनके मददगारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि देश के खिलाफ काम करने वालों को धर्म के नाम पर समर्थन देने की मानसिकता अब खत्म होनी चाहिए। सभी समुदायों को ऐसे आतंकी हमलों की एकजुट होकर निंदा करनी चाहिए। ताकि दुनिया को यह संदेश जाए कि भारत में आतंक के लिए कोई जगह नहीं है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *