डिग्री वितरण समारोह वह दिन होता है जब स्टूडेंट्स की वर्षों की मेहनत, लगन और समर्पण का सफल परिणाम डिग्री के रूप में उनके हाथ में आता है। लेकिन यह मंजिल नहीं, बल्कि जीवन की नई यात्रा की शुरुआत है। आज से आपके सामने अवसरों की एक विशाल दुनिया खुलती है। ये विचार राजिंदर मोहन सिंह छीना ने खालसा यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर तथा खालसा कॉलेज गवर्निंग काउंसिल के ऑनरेरी सचिव के रूप में यहां आयोजित वार्षिक दीक्षांत समारोह के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं की लगभग 240 छात्राओं को डिग्रियां प्रदान कीं। कॉलेज की प्राचार्य डा लक्ष्मी मल्होत्रा के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में छीना ने महिलाओं की शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता। कई बार चुनौतियों, संघर्षों और अप्रत्याशित परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, यह सोचने की क्षमता, निर्णय लेने की ताकत और कठिनाइयों का सामना करने का साहस भी देती है। अपने ऊपर विश्वास रखें, क्योंकि आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि एक न्यायपूर्ण, शिक्षित और जागरूक समाज के लिए लड़कियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। कॉलेज महिलाओं को शिक्षित करने और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। असफलताओं से घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि जीवन में हार भी एक सबक होती है, जो हमें और मजबूत बनाती है। बड़े सपने देखें और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करें।


