आत्म नगर में अकाली सियासत गरमाई सोखी-गाबड़िया की गतिविधियों से हलचल

भास्कर न्यूज | लुधियाना शिरोमणि अकाली दल आत्म नगर विधानसभा हलके में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिशों में जुटा हुआ है, लेकिन चुनाव से पहले ही पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। एक ओर हलका इंचार्ज जगबीर सिंह सोखी लगातार नए और पुराने कार्यकर्ताओं को जोड़कर संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ अकाली नेता जत्थेदार हीरा सिंह गाबड़िया की ओर से अलग बैठकों के आयोजन से राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार आत्म नगर हलके में पार्टी को दोबारा मजबूत करने के लिए जगबीर सिंह सोखी पिछले करीब 2 साल से सक्रिय हैं। वे पार्टी छोड़कर अन्य दलों में गए पुराने अकाली नेताओं और कार्यकर्ताओं को वापस जोड़ने की मुहिम चला रहे हैं। पार्टी से टूटे कार्यकर्ताओं को फिर एकजुट कर संगठन खड़ा करने की कोशिश की जा रही थी। इसी बीच जत्थेदार हीरा सिंह गाबड़िया द्वारा आत्म नगर क्षेत्र में अपने समर्थकों के साथ बैठक किए जाने की खबर सामने आने से सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। खास बात यह रही कि बैठक की जानकारी हलका इंचार्ज को भी नहीं थी। बाद में सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया। पोस्ट में लिखा गया कि नई शुरुआत से पहले हलका आत्म नगर में ज्ञानी रंजीत सिंह और हीरा सिंह गाबड़िया का आशीर्वाद लिया गया। अकाली नेता रोबिन नंदा ने बताया कि ज्ञानी रंजीत सिंह और हीरा सिंह गाबड़िया के आशीर्वाद के साथ उनके बेटे रखविंदर सिंह गाबड़िया के लिए चुनावी तैयारियां शुरू की जा रही हैं। पोस्ट के तुरंत बाद पार्टी के भीतर संभावित टिकट को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। पोस्ट पर बधाई कमैंट्स भी शुरू हो गए। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व समय रहते अंदरूनी मतभेदों को कैसे संभालता है। गुटबाजी बढ़ने का खतरा: सोखी…. मामले में आत्म नगर हलके के इंचार्ज जगबीर सिंह सोखी ने कहा कि वह पिछले एक वर्ष से क्षेत्र में लगातार मेहनत कर रहे हैं और मजबूत टीम तैयार कर चुके हैं। यदि बिना जानकारी के कोई अन्य नेता हलके में सक्रियता दिखाता है तो इससे पार्टी में गुटबाजी पैदा होने का खतरा बढ़ सकता है, जो संगठन के हित में नहीं है। वहीं जत्थेदार हीरा सिंह गाबड़िया ने स्पष्ट किया कि चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी हाईकमान ही करेगी। यदि पार्टी उन्हें आत्म नगर से चुनाव लड़ने के लिए कहेगी तो वह तैयार हैं। वह केवल ज्ञानी रंजीत सिंह से मुलाकात करने गए थे और सोशल मीडिया पर क्या लिखा गया, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। यदि पार्टी जगबीर सिंह सोखी को टिकट देती है तो वह पूरी मजबूती के साथ उनका समर्थन करेंगे, क्योंकि वह शिरोमणि अकाली दल के वफादार सिपाही हैं।

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