भास्कर न्यूज | दुर्गूकोंदल छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन कांकेर जिले के आदिवासी नेता जीवन ठाकुर की न्यायिक अभिरक्षा में हुई मृत्यु का मामला सदन में जोरदार तरीके से उठाया गया। भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ मिलकर विधानसभा स्तरीय जांच की मांग की। विधायक मंडावी ने कहा कि 12 अक्टूबर 2025 को ग्राम मयाना निवासी जीवन ठाकुर एवं उनके पुत्र को आबादी भूमि से जुड़े एक प्रकरण में गिरफ्तार कर जिला जेल कांकेर भेजा गया था। आरोप है कि 2 दिसंबर 2025 को बिना पूर्व सूचना और आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए उन्हें केंद्रीय जेल रायपुर स्थानांतरित किया गया,जहां 4 दिसंबर 2025 को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। सदन में उठाए गए प्रश्नों में परिवार को सूचना देने में विलंब, चिकित्सीय परीक्षण की प्रक्रिया तथा जेल नियमावली के पालन पर गंभीर सवाल शामिल रहे। गृहमंत्री ने अपने जवाब में बताया कि मृत्यु की सूचना दूरभाष के माध्यम से दी गई थी और किसी प्रकार की जानकारी छिपाई नहीं गई। उन्होंने कहा कि विचाराधीन बंदी की मृत्यु डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में उपचार के दौरान हुई। साथ ही अपर कलेक्टर कांकेर की अध्यक्षता में गठित जांच समिति तथा जेल विभाग द्वारा की गई जांच की रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने की जानकारी भी दी गई।


