आदिवासी समाज ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन:बोले- पनहेटी में बंजारा समुदाय ने खुद अपने घरों में आग लगाई; गल सिंह के हत्यारों को फांसी मिले

गुना के पनहेटी गांव में 26 नवंबर को हुई घटना के बाद आज (शुक्रवार) आदिवासी समाज ने ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मृतक गल सिंह भिलाला की हत्या के आरोपियों को फांसी देने और केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की। इसके अलावा मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की। बता दें कि फतेहगढ़ इलाके के पनहेटी गांव में फॉरेस्ट की जमीन को लेकर आदिवासी और बंजारा समुदाय में विवाद हो गया था। इसमें दोनों तरफ के एक-एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ थे। एक घायल को भोपाल और एक घायल को इंदौर रेफर किया गया था। इलाज के दौरान गल सिंह भिलाला की 25 नवंबर को रात मौत हो गई थी। इससे नाराज भील समुदाय ने बंजारा समुदाय के घरों में आग लगा दी थी। दस घरों में आगजनी की घटना हुई थी, जिसके बाद गांव में भारी फोर्स तैनात किया गया था। 1 दिसंबर को गुना दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी गांव पहुंचकर दोनों पक्षों से मुलाकात की थी। मामले में पुलिस अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्त कर चुकी है। आरोप- बंजारा समुदाय ने खुद अपने घरों में आग लगाई
आदिवासी समाज के लोग जयस के बैनर तले गुना पहुंचे। यहां उन्होंने कलेक्टर कार्यालय में राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि बंजारा समुदाय के लोगों ने खुद ही अपने घरों में आग लगाई, ताकि उसका आरोप आदिवासी समाज पर लगाकर FIR दर्ज कराई जा सके। मृतक गल सिंह भिलाला की हत्या में करीब 20 से 30 आरोपी शामिल हैं, लेकिन पुलिस ने मात्र तीन लोगों पर ही कार्रवाई की गई है। बाकी आरोपी आज भी गांव में खुले में घूम रहें है। आदिवासी की भूमि संरक्षण के लिए व्यवस्था और कानून, SC ST एक्ट होने के बाद भी आदिवासी समाज के लोगों की इस प्रकार से सरेआम हत्या हो रहीं हैं। दबंग भूमाफियाओं को कानून का डर भी नहीं है। ज्ञापन में समाज ने मांग की है कि इस संगीन हत्या की घटना में सम्मिलित सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए, ताकि जल्द न्याय हो सके। आगजनी की घटना में निर्दोष आदिवासियों पर की गई FIR को निरस्त की जाए। इस आरोप में जेल में बंद सभी निर्दोष आदिवासियों को रिहा किया जाए। मृतक गल सिंह के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

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