आदि बद्री की पांच दिवसीय वार्षिक परिक्रमा के दूसरे दिन यात्रियों का मेवात क्षेत्र के कई गांवों में स्वागत किया गया। यह यात्रा जड़ खोर धाम से शुरू होकर ग्राम डावक पहुंची। यात्री जड़ खोर धाम से टोडा, चोर गढ़ी जटवास, रूप वास, ककराला और रसूल पुर होते हुए डावक पहुंचे। मेवात के इन सभी गांवों में ग्रामीणों ने फूल-मालाओं, शीतल पेय और फलों से यात्रियों का अभिनंदन किया। ग्राम ककराला में राधा कांत शास्त्री और सुनील ने मुस्लिम समुदाय के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इसी सहयोग के कारण आदि बद्री पर्वत को सुरक्षित रखा जा सका है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने परिक्रमा मार्ग के निर्माण और सौंदर्यीकरण की मांग भी उठाई। शास्त्री ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि यह कार्य शीघ्र ही पूरा कराया जाएगा। यात्रा के दौरान ब्रज बालाओं और गुरुकुल के बच्चों ने कीर्तन की धुन पर नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर संत भूरा बाबा, हरिबोल बाबा नील मणि दास, हनुमान बाबा ब्रज दास, फौजी बाबा, महंत शिवराम दास जी, सीता राम दास, देवी राम, सुल्तान सरपंच, चन्नी भगत, राम खिलाडी, वत्तू, भगवान सिंह, राधे सरपंच और श्याम सिंह रामसिंह सहित कई विशिष्ट जन उपस्थित रहे। डावक में सभी यात्रियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। यात्रा रविवार को केदारनाथ के लिए प्रस्थान करेगी।


