विदिशा जिले में आधार अपडेट के कार्य को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में असंतोष देखा गया। बुधवार को बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और अपनी समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आधार अपडेट के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि विभाग ने लगभग डेढ़ से दो माह पहले ऐप के माध्यम से हितग्राहियों के आधार कार्ड अपडेट करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, जमीनी स्तर पर कई हितग्राहियों के आधार कार्ड अभी तक बने ही नहीं हैं। कुछ आधार कार्डों में जन्मतिथि में त्रुटियां हैं, तो कुछ के जन्म प्रमाण पत्र में माता-पिता की जानकारी गलत दर्ज है। इसके अतिरिक्त, कई हितग्राहियों के पास आवश्यक दस्तावेज या डिजिटल प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं हैं। इन समस्याओं के कारण आधार बनवाने और अपडेट करने की प्रक्रिया में काफी लंबा समय लग रहा है, जिससे निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करना मुश्किल हो रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) ने भी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने तीन दिन के भीतर हितग्राहियों के आधार कार्ड बनवाने और अपडेट करने के निर्देश दिए। साथ ही, समय पर कार्य पूरा न होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गीता चिढ़ार ने बताया कि जिन कार्यकर्ताओं का 50 प्रतिशत से कम आधार अपडेट कार्य हुआ है, उन्हें कार्यालय बुलाया गया था। बैठक में उन्हें तीन दिन के भीतर शत-प्रतिशत आधार अपडेट पूरा करने के निर्देश दिए गए। चेतावनी दी गई कि समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने पर सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की जा सकती है। कार्यकर्ताओं का तर्क है कि आधार कार्ड बनने में ही लगभग एक माह या उससे अधिक समय लग जाता है। ऐसे में, तीन दिन की मोहलत में शत-प्रतिशत कार्य पूरा करना संभव नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए समय-सीमा बढ़ाई जाए, ताकि बिना दबाव के व्यवस्थित रूप से कार्य पूर्ण किया जा सके। कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के बजाय पर्याप्त समय और तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाए। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं की समस्याओं पर विचार कर उचित समाधान का आश्वासन दिया है।


