आधी रात नक्सली बताकर 6 ग्रामीणों की गिरफ्तारी:2015 से फरार थे, कांकेर में पुलिस की कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश, उग्र आंदोलन की चेतावनी

कांकेर में पुलिस ने शनिवार-रविवार की रात मुरागांव के आश्रित ग्राम भैसगांव और टोंडामरका से नक्सली बताकर छह ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे ग्रामीणों में गुस्सा फैल गया। पुलिस के अनुसार, ये सभी 2015 से फरार नक्सली आरोपी थे, जिन्होंने ग्राम भैसगांव और टोंडामरका में तीन ग्रामीण परिवारों के साथ मारपीट कर उन्हें धमकी दी थी और गांव छोड़ने पर मजबूर किया था। गुरुवार को इस घटना के विरोध में कोतवाली थाने में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस ने 70 साल चंदन के ग्रामीण को भी गिरफ्तार किया है। ये सभी खेती-किसानी करने वाले हैं। जिला पंचायत सदस्य मृदुला भास्कर ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस ने कांकेर, कोरर और आमाबेड़ा थाने के अलावा पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक चक्कर कटवाया, लेकिन ग्रामीणों की गिरफ्तारी का कारण नहीं बताया गया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने कहा, ग्रामीणों को नक्सली बताकर फंसाया जा रहा पूर्व जिला पंचायत सदस्य नरोत्तम पडोटी ने कहा कि दो गांवों के छह ग्रामीणों को नक्सली होने का आरोप लगाकर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना की जानकारी लेने के लिए पूरे क्षेत्र के ग्रामीण कांकेर पहुंचे, लेकिन अब तक उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस ने एनआईए टीम के आने का हवाला दिया, लेकिन गिरफ्तार ग्रामीणों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। पडोटी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर रविवार तक पुलिस ने स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तार किए गए ग्रामीण खेती-किसानी करने वाले आम नागरिक हैं, जिन्हें नक्सली बताकर फंसाया जा रहा है। ​​​​​​पुलिस ने 5 को फरार नक्सली घोषित कर उठाया पकड़े गए लोगों में टोंडामरका के 70 वर्षीय चंदन सिंह सलाम, सन्तु राम हुपेंडी और कार्तिक राम उसेण्डी शामिल हैं। भैसगांव से सोमारू राम कावड़े, फूलसिंह कावड़े और लक्ष्मण नुरेटि को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, ये सभी 2015 से फरार नक्सली आरोपी थे, जिन्होंने ग्राम भैसगांव और टोंडामरका में तीन ग्रामीण परिवारों के साथ मारपीट कर उन्हें धमकी दी थी और गांव छोड़ने पर मजबूर किया था। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि रविवार तक पुलिस ने जानकारी नहीं दी, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। स्थानीय नेताओं का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र के ये ग्रामीण नक्सली नहीं हैं। पुलिस ने 5 ग्रामीणों को फरार नक्सली बताकर भेजा जेल
कांकेर पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मोहसिन खान और कोरर थाना प्रभारी जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि 8 मार्च को पुलिस ने अति नक्सल प्रभावित गांव पीढापाल, भैंसगांव, बुधियारमारी और टोंडामरका में फरार नक्सली सहयोगियों की तलाश में दबिश दी थी। इस दौरान पांच फरार नक्सली आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। फूलसिंह कावड़े की गिरफ्तारी पर उठे सवाल
गिरफ्तार किए गए लोगों की सूची में शामिल फूलसिंह कावड़े को लेकर संदेह बना हुआ है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य नरोत्तम पडोटी ने बताया कि छह लोगों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन पुलिस ने केवल पांच लोगों को नक्सली घोषित कर जेल भेज दिया, जबकि छठे व्यक्ति फूलसिंह कावड़े को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस बारे में जब एसडीओपी कांकेर मोहसिन खान से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मामला कोरर थाने से संबंधित है। उन्होंने संभावना जताई कि फूलसिंह कावड़े को या तो थाने में छोड़ दिया गया होगा या वह ग्रामीणों के साथ वापस चला गया होगा। फिलहाल, इसकी जांच की जा रही है। ग्रामीणों की चेतावनी, रविवार तक जानकारी नहीं दी तो होगा आंदोलन
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर रविवार तक पुलिस ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। स्थानीय नेताओं ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि पकड़े गए ग्रामीण निर्दोष हैं और उन्हें नक्सली बताकर फंसाया जा रहा है।

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