जयपुर के विश्व प्रसिद्ध आमेर महल की तलहटी स्थित मावठा सरोवर में करीब दो दशक बाद फिर से नावों की सेवा शुरू की गई है। लगभग 20 साल के लंबे इंतजार के बाद यहां बोटिंग सेवा का ट्रायल संचालन शुरू हो गया है। इससे आमेर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। परियोजना के प्रभारी सुमित सिंह ने बताया- पर्यटक डल झील की तर्ज पर मावठा झील में पैडल बोट, शिकारा और हाई स्पीड बोट का आनंद ले सकेंगे। बोटिंग सेवा का ट्रायल 22 फरवरी को दोपहर 2 बजे से शुरू होगा। पहले चरण में 25 पैडल बोट, 5 कश्मीरी शैली की शिकारा, 20 सीटर लग्जरी बोट और 30 सीटर लग्जरी बोट संचालित की जाएंगी। पर्यटन विभाग के अनुसार बोटिंग का किराया जल्द निर्धारित किया जाएगा। पहले देखें PHOTOS 22 फरवरी से आम पर्यटकों के लिए शुरुआत
ट्रायल सफल रहने पर 22 फरवरी से बोटिंग सेवा आम पर्यटकों के लिए आधिकारिक रूप से शुरू कर दी जाएगी। बोटिंग संचालन का अनुबंध पर्यटन विभाग की ओर से जसराज इंफ्रा को दिया गया है। कंपनी ने दोनों जेटी सरोवर स्थल पर स्थापित कीं। अधिकारियों की निगरानी में पूरे सिस्टम की बारीकी से जांच की गई। पहले चरण में सीमित संख्या में पर्यटकों को शामिल कर संचालन व्यवस्था, सुरक्षा मानकों, जेटी प्रबंधन और रेस्क्यू सिस्टम का परीक्षण किया गया। हरी-भरी अरावली की पहाड़ियों के बीच शांत जल में आमेर महल का प्रतिबिंब और उस पर तैरती नावें पर्यटकों को किसी चित्रकार के कैनवास जैसी अनुभूति देंगी। पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन की पहल पर ऐतिहासिक सरोवर को पुनः जीवंत करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 30 सीटर लग्जरी बोट विशेष आकर्षण
पर्यटक डल झील की तर्ज पर मावठा झील में पैडल बोट, शिकारा और हाई स्पीड बोट का आनंद ले सकेंगे। 30 सीटर लग्जरी बोट विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। साथ ही हेरिटेज लुक वाली बोट भी जल्द शामिल की जाएंगी। सुरक्षा के मद्देनजर सभी पर्यटकों को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षित नाविक, गोताखोर, सुरक्षाकर्मी और रेस्क्यू बोट की व्यवस्था की गई है। एक्सपर्ट टीम की स्वीकृति के बाद ही नियमित संचालन शुरू किया जाएगा। कालबेलिया नृत्य सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे
पर्यटन अनुभव को अच्छा बनाने के लिए छोटे मंच पर कालबेलिया नृत्य सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। वहीं बाद में लाइट एंड साउंड शो की भी योजना है, जिससे आमेर का पर्यटन आकर्षण और बढ़ेगा। साथ ही मावठा सरोवर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्या को दैनिक भास्कर एप के सिविक इश्यू में पोस्ट करना के लिए क्लिक करें।


