आम और गेंदा फूल की खेती से महक रहा बरमसिया गांव

अमित नाग | बागडेहरी कुंडहित प्रखंड के बरमसिया गांव की किसान विष्णु प्रिया मंडल ने खेती को नया रूप दिया है। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उन्होंने छह किसानों के साथ मिलकर 27 एकड़ में आम की बागवानी शुरू की। इसके साथ ही एक एकड़ में गेंदा फूल की अंतरवर्तीय खेती भी कर रही हैं। इस नवाचार से उनकी आमदनी बढ़ रही है। गांव में खेती के नए रास्ते खुले हैं। राज्य सरकार की इस योजना का मकसद गांवों में हरियाली और किसानों की आमदनी बढ़ाना है। योजना के तहत बरमसिया गांव को चुना गया। किसानों को आम के पौधे, तकनीकी मदद और प्रशिक्षण मिला। विष्णु प्रिया मंडल और अन्य किसानों ने इसका पूरा लाभ उठाया। पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर फलदार पौधों की ओर रुख किया। आज बरमसिया गांव में 27 एकड़ में फैली आम की बागवानी क्षेत्र की सबसे बड़ी फलोत्पादन भूमि बन चुका है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। गांव में हरियाली और खुशहाली दोनों आई है। आम के पौधों के बीच खाली जमीन पर गेंदा फूल की खेती शुरू की गई है। इससे बागवानी को सुंदरता मिली और आमदनी का नया जरिया भी बना। उनके बाग में खिले हजारों गेंदे के फूल लोगों को आकर्षित करते हैं। पूजा, शादी और आयोजनों में फूलों की मांग बनी रहती है। इससे उन्हें नियमित आमदनी हो रही है। गेंदा फूल की खेती से गांव में रोजगार भी बढ़ा है। विष्णु प्रिया रोज 8 से 10 मजदूरों को काम पर लगाती हैं। ये मजदूर पौधों की देखभाल, सिंचाई, तुड़ाई और जानवरों से बचाव जैसे काम करते हैं। खाली जमीन पर मौसम के अनुसार फसलें भी बोई जाती हैं। इससे कई परिवारों की आजीविका सुधरी है। महिलाएं कहती हैं कि अब उन्हें काम के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। गांव में ही रोज काम मिल जाते हैं। इससे घर-परिवार की देखभाल भी आसान हो गई है। विष्णु प्रिया मंडल का यह प्रयोग अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गया है। पहले किसान केवल धान और गेहूं पर निर्भर थे। अब वे भी बागवानी और अंतरवर्तीय खेती की ओर बढ़ रहे हैं। कई किसान उनके बाग का दौरा कर फूलों की खेती की जानकारी ले रहे हैं। कृषि विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की बहुउद्देशीय खेती से किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ सकता है। आम और फूलों की संयुक्त खेती से जमीन का पूरा उपयोग होता है। उत्पादन बढ़ता है। बाजार की मांग के अनुसार फसलें मिलती हैं। तकनीकी और वित्तीय मदद देगा विभाग प्रखंड कृषि पदाधिकारी मनोरंजन मिर्धा ने विष्णु प्रिया के कार्यों की सराहना की है। विभाग का कहना है कि योजना का असली मकसद तभी पूरा होता है जब किसान नवाचार अपनाते हैं। विष्णु प्रिया ने इसका उदाहरण पेश किया है। विभाग आगे भी किसानों को तकनीकी और वित्तीय मदद देगा ताकि ज्यादा किसान बागवानी और अंतरवर्तीय खेती अपनाएं। अब गुलाब और रजनीगंधा की खेती की योजना बना रहीं विष्णु प्रिया मंडल विष्णु प्रिया मंडल अब गुलाब और रजनीगंधा की खेती की योजना बना रही हैं। साथ ही फूलों की प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की भी तैयारी है। इससे सूखे फूलों के उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचे जाएंगे। इससे बागवानी का विस्तार होगा और गांव में रोजगार बढ़ेगा। उनका सपना है कि बरमसिया गांव को राज्य का मॉडल हरित ग्राम बनाया जाए। जहां खेती को लाभकारी व्यवसाय माना जाए। युवा भी खेती को अपनाएं। उनका प्रयास न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय बदलाव भी ला रहा है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सही नीति, तकनीक और सोच से खेती एक बेहतर करियर बन सकती है।

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