आयकर अधिनियम और केंद्रीय बजट पर हुई चर्चा:आईसीएआई सदस्यों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की जिम्मेदारियों पर डाला प्रकाश

हनुमानगढ़ में द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की स्थानीय शाखा ने गुरुवार को एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी का विषय केंद्रीय बजट 2026 और आयकर अधिनियम 2025 था। इसमें शहर के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कर विशेषज्ञों ने भाग लेकर नए प्रावधानों और उनके प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आईसीएआई के केंद्रीय परिषद सदस्य सतीश गुप्ता थे। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और नए कर कानूनों का सही क्रियान्वयन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। गुप्ता ने विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में कर पेशेवरों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। संगोष्ठी के दौरान, आयकर अधिनियम 2025 के प्रमुख प्रावधानों, अनुपालन प्रक्रियाओं और संभावित परिवर्तनों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय बजट 2026 का करदाताओं और उद्योग जगत पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। सतीश गुप्ता ने आईसीएआई सदस्यों के हित में किए गए विभिन्न समझौतों और पहलों के बारे में भी जानकारी साझा की। शाखा के नवनियुक्त अध्यक्ष हर्ष जिंदल ने प्रबंधन समिति के रोल-ओवर की जानकारी दी। उन्होंने पूर्व अध्यक्ष ललित गर्ग के कार्यकाल में हुए कार्यों की सराहना की। जिंदल ने हनुमानगढ़ में सीए परीक्षा केंद्र, डीआईएसए कोर्स और पीयर रिव्यू सर्टिफिकेशन की शुरुआत को शाखा की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया। कार्यक्रम का संचालन शाखा सचिव कमल जैन ने किया।

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