आयुष्मान कार्ड पर भी मांगा 1.20 लाख का बेड चार्ज, हंगामा के बाद मरीज को छोड़ा

दवाइयों के नाम पर सात दिनों में करीब 2.50 लाख रुपए खर्च कराए सदर थाना क्षेत्र के बूटी मोड़ स्थित केयर एंड केयर अस्पताल में शुक्रवार सुबह एक मरीज के परिजनों ने अधिक बिल बनाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि मरीज के स्वास्थ्य में कोई खास सुधार नहीं हुआ है, इसके बावजूद लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। परिजनों का आरोप है कि आयुष्मान कार्ड रहने के बावजूद दवाइयों के नाम पर सात दिनों में करीब 2.50 लाख रुपए खर्च करा दिए, जबकि बेड चार्ज के रूप में भी 1.20 लाख रुपए का बिल बनाया गया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। मरीज की बेटी डॉली कुमारी ने बताया कि धनबाद से रिम्स रेफर किए जाने के बाद वह 27 फरवरी को अपने पिता द्वारका प्रसाद को लेकर रांची पहुंची थीं। एंबुलेंस चालक उन्हें रिम्स ले जाने के बजाय बूटी मोड़ स्थित केयर एंड केयर अस्पताल पहुंचा दिया। वहां आयुष्मान कार्ड होने की जानकारी देने के बाद मरीज को भर्ती कर लिया गया, लेकिन थोड़ी देर बाद ही पैसों की मांग शुरू हो गई। डॉली ने बताया कि दवाइयों के नाम पर करीब 2.50 लाख रुपए लिए गए। इसके अलावा बेड चार्ज के रूप में 1.20 लाख रुपए का बिल बताया गया। हंगामे के बाद उन्होंने 35 हजार रुपए देकर मरीज को डिस्चार्ज कराया। दवाइयों के अलावा अलग-अलग किस्तों में अस्पताल प्रबंधन को करीब 60 हजार रुपए का भुगतान किया गया है। अस्पताल प्रबंधन ने कहा- 1.25 लाख का बिल, परिजनों ने 45 हजार ही दिए अस्पताल के मैनेजर आशीष कुमार ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि मरीज को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। पांच हजार रुपए एडमिशन चार्ज जमा कराने के बाद इलाज शुरू किया गया। मरीज को चार दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया और स्थिति में सुधार होने के बाद वार्ड में शिफ्ट किया गया। उन्होंने कहा कि इलाज में करीब 1.25 लाख रुपए खर्च हुए, लेकिन मरीज के अटेंडेंट ने केवल 45 हजार रुपए ही जमा किए। उनके अनुसार भुगतान को लेकर टालमटोल के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। एंबुलेंस चालक ने रिम्स के बजाय जबरन निजी अस्पताल पहुंचा दिया परिजनों ने दैनिक भास्कर को बताया कि एंबुलेंस चालक ने उन्हें गुमराह किया। मरीज की तबीयत बिगड़ने पर धनबाद के सरकारी अस्पताल से रिम्स रेफर किया गया था। एंबुलेंस चालक से 6000 रुपए में रांची ले जाने की बात तय हुई थी, लेकिन उसने मरीज को रिम्स के बजाय बूटी मोड़ के पास एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। परिजनों का आरोप है कि चालक ने जबरन केयर एंड केयर अस्पताल ले जाकर मरीज के पूरी तरह ठीक हो जाने का भरोसा दिया था।

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