अलवर में बाल अधिकारिता विभाग के जरिए बालिकाओं के लिए संचालित आरती बालिका गृह में रह रही एक बालिका की इलाज के अभाव में मौत होने के बाद सब बालिकाओं की मेडिकल जांच हो गई। लेकिन, बालिकाएं अभी वहीं रह रहीं हैं। एक बालिका में हिमोग्लाेबिन कम मिला। बाकी एक्सरे रिपोर्ट के अनुसार सभी 29 बालिकाएं स्वस्थ मिली हैं। बालिका की मौत के बाद विभाग के सहायक निदेशक रविकांत को APO कर दिया। अध्यक्ष और सदस्यों का नॉमिनेशन खत्म किया वहीं बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजेश शर्मा और दो सदस्यों को मनोनयन समाप्त कर दिया। उसके बाद बालिकाओं को दूसरी जगह शिफ्ट करने बात सामने आई थी। लेकिन, अब तक बालिकाएं उसी आवास में रह रही हैं। अलवर कलेक्टर की कमेटी भी इस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल संप्रेक्षण गृह के अध्यक्ष को ही विभाग के कामकाज का जिम्मा सौंपा है। 29 बालिकाओं को शिफ्ट किया जिला अस्पताल के डॉ. श्रीराम कड़वासरा ने बताया कि आरती बालिका गृह से कुल 29 बालिकाओं को लाया गया था। सबके स्वास्थ्य की जांच की गई। अधिकतर स्वस्थ मिली हैं। आरती बालिका गृह का पंजीकरण 2022 में भी रद्द कर दिया गया था। लेकिन उस समय कोर्ट से स्टे के बाद बालिका गृह चलता आ रहा है। पहले बिलों के भुगतान में अनियमितता मिली थी। अब बालिका गृह की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे हैं। इस मामले की कलेक्टर के स्तर पर जांच जारी है।


