अलवर के सदर थाने में एक विवाहिता ने अपने पति पर आर्मी में नौकरी लगने के बाद दूरी बनाने, दहेज उत्पीड़न करने और दूसरी शादी रचाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़िता का यह भी आरोप है कि पति की सेना में भर्ती गलत तरीके से कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता की शादी 9 जुलाई 2017 को मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज में फ्रिज सहित अन्य सामान की मांग की जाने लगी। पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2020 के आसपास उसके पति की आर्मी में नौकरी लग गई। उसने बताया कि नौकरी लगवाने के नाम पर उसके मेहर और सोने-चांदी के गहने बेच दिए गए और करीब पांच लाख रुपए रिश्वत के रूप में दिए गए। साथ ही आरोप लगाया कि पति ने भर्ती के दौरान खुद को अविवाहित बताते हुए शपथ पत्र दिया, जबकि वह पहले से शादीशुदा था। महिला का कहना है कि आर्मी में नौकरी लगते ही पति का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। उसने फोन पर बातचीत बंद कर दी और छुट्टी में घर आने पर भी उससे दूरी बनाए रखी। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पति के अन्य महिलाओं से अवैध संबंध थे और लंबे समय तक उनसे फोन पर बात करता था। सास-ससुर और देवर द्वारा उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। खाने-पीने की पाबंदी, इलाज के लिए पैसे न देना और मारपीट करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। बीमार होने पर वह मायके आ गई, लेकिन कई महीनों तक उसे वापस लेने कोई नहीं आया। महिला ने आरोप लगाया कि दिसंबर में छुट्टी पर आए पति ने शहर में किराये का कमरा लेकर चोरी-छिपे दूसरी शादी की योजना बनाई और परिजनों की मौजूदगी में दूसरी महिला से विवाह कर लिया।
पीड़िता ने पुलिस में 7 पर नामजद मामला दर्ज कराया है।और पति व ससुराल पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, दूसरी शादी की जांच कराने और उसके स्त्रीधन को सुरक्षित दिलाने की मांग की है।


