आयुर्वेद विभाग की ओर से टाउन की अरोड़वंश धर्मशाला में आयोजित किया जा रहा तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। शिविर का समापन शुक्रवार को होगा। दूसरे दिन शिविर में मुख्य अतिथि डबलीकलां के आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन सेतिया ने बताया कि सरकार की ओर से औषधालयों को एएचडब्ल्यूसी में क्रमोन्नत किया जा रहा है। प्रथम चरण में आयुर्वेद विभाग में 1000 औषधालयों को एएचडब्ल्यूसी बनाया गया था। फिर द्वितीय चरण में और अब तीसरे चरण में 1000 औषधालयों को एएचडब्ल्यूसी बनाया गया है। औषधालयों को एएचडब्ल्यूसी बनाने के पीछे का कारण आयुर्वेद विभाग के प्रयोजन को सिद्ध करना है। आयुर्वेद विभाग का प्रयोजन स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। दूसरा प्रयोजन मरीज के विकार को दूर करना है। आयुर्वेद विभाग की ओर से आशा और एएनएम को घर-घर जाकर सर्वे करने का कार्य सौंपा है, ताकि डायबिटिज, शुगर, कैंसर के लक्षण वाले मरीजों को रेफर कर बीमारी से पहले ही उनका इलाज शुरू किया जा सके। उन्होंने बताया कि तृतीय चरण में हनुमानगढ़ जिले में करीब 25 औषधालय एएचडब्ल्यूसी बने हैं। इनकी तीन दिवसीय ट्रेनिंग आयोजित करवाई जा रही है। ट्रेनिंग के बाद इन आशा और एएनएम को एएचडब्ल्यूसी पर भेजा जाएगा। इन्हें सर्वे के लिए अपने-अपने क्षेत्र में लगाया जाएगा। इस मौके पर डॉ. संदीप, डॉ. दीप्ति सिंघल, डॉ. आशा यादव, आयुर्वेद विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रामप्रताप, एडिशनल डायरेक्टर डॉ. महावीर, एएओ महावीर शर्मा, एलडीसी पवन पारीक, यूडीसी मनोज मौजूद रहे।


