आशा फैसिलिटेटर यूनियन पंजाब की बैठक में राज्य स्तर पर संघर्ष को तेज करने का निर्णय लिया। जिला और ब्लॉक नेता कमलेश रानी, कर्मजीत कौर, पवनप्रीत कौर, सीमा रानी, गुरप्रीत कौर, परमजीत कौर, अमरजीत कौर, वीरपाल कौर, कुलविंदर कौर, किरनजीत कौर, सुमनदीप कौर, सुखविंदर कौर और रमनदीप कौर ने कहा कि 2 मार्च से पंजाब के हर कोने में क्रमिक विरोध प्रदर्शन शुरू करेंेगे और जरूरत पड़ने पर विधानसभा का घेराव भी करेंगे। यूनियन नेताओं ने कहा कि करीब चार साल बीत जाने के बाद भी आशा वर्करों और फैसिलिटेटरों की जायज मांगों का समाधान नहीं हुआ, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बजट सत्र के दौरान सरकार उनकी मांगों के लिए विशेष प्रावधान करेगी। नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि बजट में उनकी अनदेखी हुई तो मंत्रियों के घरों और विधानसभा का घेराव करेंगे। प्रदेश कमेटी के फैसले के अनुसार 7 मार्च को बरनाला जिले में डीसी दफ्तर के सामने विरोध प्रदर्शन और मंत्रियों के माध्यम से मांग पत्र भेजे जाएंगे ताकि सोई हुई सरकार को जगाया जा सके। यूनियन ने दो-टूक कहा कि यदि मांगें तुरंत न मानी गईं तो आने वाले दिनों में राज्य स्तर पर एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।


