इंटरनेट सेवा ठप, 120 में से हुए सिर्फ 20 ड्राइविंग टेस्ट

भास्कर न्यूज |जालंधर रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (आरटीओ) जालंधर में इन दिनों हालात बिगड़ते जा रहे हैं। ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर व्यवस्था दिन-प्रतिदिन अव्यवस्थित होती दिख रही है। वीरवार सुबह से शाम तक इंटरनेट की समस्या के कारण निर्धारित 120 टेस्ट में से करीब 20 ही पूरे हो सके, जबकि बाकी लोगों को निराश लौटना पड़ा। लोगों का कहना है कि सरकार अकसर सरकारी दफ्तरों की व्यवस्था सुधारने के दावे करती है, लेकिन ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर आ रही समस्याओं की ओर किसी का ध्यान नहीं है। दूसरी ओर आरटीओ कार्यालय में इन दिनों आरसी अप्रूवल की करीब 11 हजार फाइलें लंबित पड़ी हैं। सरकार भले ही सभी सेवाओं का ऑनलाइन होने का दावा कर रही हो, लेकिन वास्तविकता यह है कि आरसी अप्रूवल के लिए लोगों को महीनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि वे सरकारी फीस पूरी तरह जमा कराने के बाद भी आरसी अप्रूवल का इंतजार कर रहे हैं। कई मामलों में वाहन मालिकों को पहले आरसी वेरिफिकेशन के लिए आरटीओ कार्यालय के बाहर लंबी कतारों में लगना पड़ता है। इसके बाद भी यदि 15 दिन तक मोबाइल पर अप्रूवल का संदेश नहीं आता, तो लोगों को दोबारा आरटीओ कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसे में सरकार का ऑनलाइन सिस्टम का दावा केवल कागजों तक ही सीमित नजर आता है। हालांकि कुछ महीने पहले सरकार ने आरटीओ की 56 सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करने का ऐलान किया था, लेकिन इसके बावजूद लाइसेंस, आरसी और अन्य कार्यों के लिए लोगों को आज भी आरटीओ कार्यालय का रुख करना पड़ रहा है। सेवा केंद्र या फिर खुद आवेदन करने की स्थिति में क्लर्क की आईडी से रोजाना लंबित मामलों को निपटाने की प्रक्रिया होती है, जिसके बाद अंतिम अप्रूवल आरटीओ अधिकारी की ओर से दी जाती है, लेकिन अधिकारियों के बदलने के बावजूद व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। लोगों ने मांग की है कि स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (एसटीसी) को नियमित रूप से आरटीओ की आईडी और पेंडेंसी की जांच करनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रोजाना कितने मामलों का निपटारा हो रहा है और कितने अब भी लंबित पड़े हैं।

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