इंडस्ट्री का बड़ा तबका शाहरुख को गिरते देखना चाहता था:‘रा वन’ की असफलता पर बोले अनुभव सिन्हा- मैं अच्छी फिल्म नहीं बना सका

हाल ही में एक इंटरव्यू में निर्देशक अनुभव सिन्हा ने अपनी और शाहरुख खान की फिल्म ‘रा.वन’ की मेकिंग और उसके फ्लॉप होने की वजह पर बात की है। अनुभव मानते हैं कि ‘रा.वन’ एक खराब फिल्म थी इसलिए फिल्म नहीं चली। फिल्म की स्क्रिप्ट और एडिटिंग भी खराब थी। आठ घंटे लगातार मुझे कॉल आते रहे लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में अनुभव बताते हैं- ‘मैंने इस फिल्म की कल्पना 2005 में ही कर ली थी। और साल 2006 में मैंने इसे लिखना शुरू कर दिया था। बेशक, मैं शाहरुख के साथ फिल्म के बारे में बातचीत कर रहा था लेकिन कुछ भी तय नहीं था। शाहरुख ने बर्लिन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस प्रोजेक्ट को अनाउंस कर दिया और इंडिया की फ्लाइट में बैठ गए। मुझे आठ घंटे तक लगातार लोगों के कॉल आते रहे। सच बताऊं तो मुझे नहीं पता था कि शाहरुख ने ऐसा कुछ कहा है और मुझे नहीं पता था कि क्या रिप्लाई करूं। आठ घंटे बाद जब मेरी उनसे बात हुई तो शाहरुख ने कहा कि हम फिल्म कर तो रहे हैं, इसमें छिपाने वाली क्या बात है?’ इंडस्ट्री का बड़ा तबका शाहरुख को गिरते देखना चाहता था ‘रा.वन’ पर बात करते हुए डायरेक्टर ने कहा कि उस वक्त इंडस्ट्री में कितने लोग चाहते थे कि फिल्म असफल हो जाए। अनुभव कहते हैं- ‘मेरा ऐसा मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री के भीतर एक बड़ा तबका शाहरुख को गिरते हुए देखना चाहता था। मैं इस इंडस्ट्री में काफी समय से हूं और मैं लोगों को अच्छी तरह से जानता हूं। जब शाहरुख ने माना कि फिल्म फ्लॉप हो गई तो यह मेरे लिए दिल तोड़ने वाला था। मैंने फिल्म के साथ धोखा किया। मेरे ऊपर उनका भरोसा भी टूटा। मैं शाहरुख को ऐसी फिल्म नहीं दे सका जिस पर उन्हें गर्व हो।’ शाहरुख खान कमाल के किरदार हैं अनुभव इंटरव्यू में बताते हैं कि वो फिल्म उस तरह नहीं बनी जैसा उन्होंने सोचा था। लेकिन उन्हें कभी बजट के बारे में नहीं सोचना पड़ा क्योंकि शाहरुख कभी पैसों को लेकर चर्चा नहीं करते थे। वो पैसों से बहुत ऊपर की चीज हैं। वो बेहद कमाल किरदार हैं। शाहरुख को इसकी बिल्कुल भी परवाह नहीं थी। फिल्म के बजट के बारे में मैंने जो भी सुना वो बाहर से ही सुना था। कोई 90 करोड़ कहता है तो कोई 120 करोड़ रुपये। मैंने फिल्म पर कंट्रोल खो दिया था। ना शाहरुख ने कभी ऐसी फिल्म बनाई थी और ना मैंने। हम बहुत सारे लोगों की राय पर निर्भर थे।

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