भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का संचालन करने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी में 3,068 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा (कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट) हुआ है। सालाना आधार पर यह 62% बढ़ा है। पिछले साल की समान तिमाही में यह 1,895 करोड़ रुपए रहा था। एयर ट्रैवल में बढ़ती डिमांड के चलते कंपनी को यह मुनाफा हुआ है। जनवरी-मार्च तिमाही में इंडिगो के ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 24% बढ़कर 22,152 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की समान तिमाही यानी FY24 की चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 17,825 करोड़ रुपए रहा था। नतीजों में आम आदमी के लिए क्या? कंपनी ने वित्त-वर्ष 2024-25 के लिए हर शेयर पर 10 रुपए डिविडेंड यानी लाभांश देने का ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरहोल्डर्स को देती हैं, इसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है। क्या कंपनी के नतीजे उम्मीद से अच्छे हैं? बाजार के जानकारों को उम्मीद थी कि वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा करीब 1,330 करोड़ रुपए होगा। इस हिसाब से देखा जाए तो कंपनी ने मार्केट विश्लेषकों की उम्मीद से बेहतर परफॉर्म किया है। इस साल में अब तक शेयर का परफॉर्मेंस कैसा रहा? इंडिगो का शेयर आज 0.27% की तेजी के साथ 5,456 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। कंपनी का शेयर एक महीने में 1% गिरा और 6 महीने में 34% चढ़ा है। एक साल में कंपनी का शेयर 26% चढ़ा है। इंडिगो का मार्केट कैप 2.11 लाख करोड़ रुपए है। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है इंडिगो मार्केट शेयर के लिहाज से इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। भारतीय एयरलाइन मार्केट में कंपनी का शेयर करीब 63% है। इसकी स्थापना 2006 में राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल ने की थी। ये रोजाना 2000 से ज्यादा फ्लाइट ऑपरेट करती है। 80 से ज्यादा डोमेस्टिक डेस्टिनेशन और 30 से ज्यादा इंटरनेशनल डेस्टिनेशन पर इंडिगो की फ्लाइट चलती है। ये 110+ डेस्टिनेशन को जोड़ती है। एयरलाइन की 320 से ज्यादा एयरक्राफ्ट की फ्लीट है। इसके 50 करोड़ से ज्यादा कस्टमर हैं।


