शुक्रवार की सुबह खास है। निगम चुनाव के परिणाम का दिन है। जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा, मतगणना स्थल पर गहमा गहमी बढ़ती जाएगी। शहर की सरकार हर राउंड के बाद आकार लेती दिखेगी। शोर होगा, खुशियां होंगी। नारे होंगे और इनके बीच एक उम्मीद पनपेगी। उम्मीद एक ऐसी शहर की सरकार की जो यहां की जनता को जल संकट से राहत दिला दे। उम्मीद एक ऐसी शहर की सरकार की, जो उसकी जर्जर सड़कों को चकाचक कर दे। उम्मीद एक ऐसी शहर की सरकार की, जो उसके घर के आगे की गंदगी को सुबह की रोशनी से पहले ही नजरों से दूर कर दे। उम्मीद एक ऐसी भी शहर की सरकार की, जो बारिश में जल जमाव से डराए नहीं, बल्कि बारिश की खूबसूरती का एहसास कराए। आज मतगणना के हर राउंड के साथ वार्डों को अपना पार्षद मिलेगा और इन्हीं पार्षदों के बीच से मेयर और डिप्टी मेयर का चेहरा भी सामने आएगा। पूरे शहर की नजर आज मतगणना स्थल ट्रांसपोर्ट नगर पर होगी। राजधानी की राजनीति भी आज मतगणना स्थल पर नजरें जमाए रखेगी। किसी की छवि निकल कर सामने आएगी तो किसी की प्रतिष्ठा पर भी बट्टा लगेगा। शाम तक लगभग ये स्पष्ट हो जाएगा कि शहर में सरकार किसकी होगी। वैसे तो यह चुनाव गैर दलीय है। पर जनता ने देखा कि हर दल ने अपना पूरा दम लगा दिया। चुनाव परिणाम यह भी तय करेगा कि शहर में भाजपा, झामुमो और कांग्रेस तीनों में मजबूत हुई और कौन कमजोर।


