इंदौर एयरपोर्ट का पुराना टर्मिनल तैयार:50 करोड़ की राशि से डेवलप हुआ, 15 मार्च तक हो पूरा जाएगा काम

इंदौर एयरपोर्ट का पुराना टर्मिनल नए रूप में निखरता जा रहा है। यह पहला एयरपोर्ट टर्मिनल होने के कारण इसे देवी अहिल्या बाई होलकर एयरपोर्ट टर्मिनल-1 नाम दिया है। टर्मिनल पर नए नाम का बोर्ड भी सज चुका है। 15 मार्च तक सभी काम पूरे करते हुए 1 अप्रैल से इसे शुरू करने की तैयारी है। यह 50 करोड़ की लागत से तैयार होगा। एयरपोर्ट पर बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए नया एयरपोर्ट टर्मिनल बनाया था। 2012 में पुराने टर्मिनल को बंद करते हुए नए टर्मिनल का उपयोग शुरू किया था। नए टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 40 लाख यात्रियों की थी। पिछले कुछ सालों में जब यात्री संख्या तेजी से बढ़ने लगी तो एक और नया टर्मिनल बनाने की योजना तैयार की गई, लेकिन समय पर जमीन न मिल पाने के कारण यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुराने टर्मिनल को ही नए रूप में संवारने का निर्णय लिया गया, ताकि नया टर्मिलन बनने तक यात्रियों को परेशानी न हो। अब तक टर्मिनल नए रूप में लगभग तैयार हो चुका है। इस पर 50 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च की गई है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने इसे टर्मिनल-1 नाम दिया है। इसके बाद एयरपोर्ट के मौजूदा संचालित टर्मिनल को टर्मिनल-2 कहा जाएगा। मंत्री नायडू को कर सकते हैं उ‌द्घाटन एयरपोर्ट प्रबंधन की कोशिश है कि 29 मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल से पहले इस एयरपोर्ट का सारा काम हो जाए और सभी मंजूरियां भी मिल जाएं, ताकि नए शेड्यूल में यहां से उड़ानों का संचालन शुरू किया जा सके। उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्रीय उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू 1 अप्रैल को इस टर्मिनल का उद्घाटन करने इंदौर आ सकते हैं। इसके लिए हाल ही में सांसद शंकर लालवानी ने उनसे दिल्ली में मुलाकात भी की थी।
निर्माण लगभग पूरा, अब सभी अनुमतियों की बारी एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार ने बताया कि एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल को नए रूप में तैयार करने का काम 15 मार्च से पहले पूरा कर लिया जाएगा। इसे संचालित करने से पहले यहां फायर, एन्वायर्नमेंट और ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटीज ऑफ इंडिया (बीसीएएसआई) की एनओसी लेना जरूरी होगी। एयरपोर्ट प्रबंधन ने उनके लिए आवेदन कर दिया है। कुछ इंस्पेक्शन हो चुके हैं, कुछ होना बाकी हैं। उम्मीद है मार्च में सभी अनुमतियां मिल जाएंगी। एटीआर विमानों का होगा संचालन इस टर्मिनल से एयरपोर्ट पर आने और जाने वाले सभी छोटे एटीआर विमानों का संचालन किया जाएगा। वहीं नए टर्मिनल से बड़े विमानों का संचालन जारी रहेगा। इंदौर एयरपोर्ट पर रोजाना करीब 36 एटीआर विमान आते और जाते हैं। इसके कारण मौजूदा टर्मिनल पर यात्रियों का दबाव कम होगा और यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। जल्द शुरू होगा नया टर्मिनल निर्माण नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अतिरिक्त नए टर्मिनल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जिसकी लागत लगभग 492 करोड़ रुपए है। इसका क्षेत्रफल करीब 82,000 वर्ग मीटर है। नए टर्मिनल की टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है, निर्माण 3 साल में पूरा होने का लक्ष्य रखा गया हैं। नए टर्मिनल के तैयार होने के बाद सालाना यात्री क्षमता 1 करोड़ तक बढ़ जाएगी। इसके लिए पुराने ATC टावर और फायर स्टेशन को हटाकर जगह बनाई जा रही है।

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