प्रदेश की आर्थिक राजधानी और देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से 16 लोगों की जान चली गई है। वहीं, खंडवा में दूषित पानी सप्लाई का मामला पहले ही हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। रविवार को शहर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने विधायक निवास घेरने की योजना बनाई। हालांकि पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। कांग्रेसियों ने बैरिकेडिंग फांदी तो पुलिस ने गाड़ियां अड़ा दी। शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के नेतृत्व में हुए विधायक निवास घेराव के मामले में पुलिस पहले से अलर्ट पर थी। सीएसपी अभिनव बारंगे, एसडीएम ऋषि सिंघई आदि ने मोर्चा संभाल लिया था। कलेक्टर बंगले के पास ही बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते को बंद कर दिया था। कांग्रेसी जैसे ही पहुंचे तो उन्हें पुलिस का सामना करना पड़ गया। हालांकि इसी बीच शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी अपने हाथ में घंटा लेकर बगल से विधायक निवास की तरफ निकल गई। पुलिस ने पीछा किया तो रघुवंशी ने दौड़ लगाई और फिर सड़क पर बैठ गई। पोस्टर पर लिखा ज्ञापन, एसडीएम-सीएसपी को दिया
कांग्रेस पदाधिकारी अपने हाथों में घंटा लिए हुए थे, घंटा बजाकर वे लोग सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान प्रदेश में अफसरशाही हावी होने और कमीशनखोरी के आरोप लगाए। वे लोग विधायक निवास की तरफ कूच करने की कोशिश करने लगे। तभी कोतवाली टीआई ने कहा कि विधायक मैडम अपने बंगले पर नहीं है। वहां जाकर क्या करोंगे। शहर अध्यक्ष ने कहा कि हम लोग शांतिपूर्ण धरना देंगे। इसके बाद शहर अध्यक्ष ने पोस्टर पर ज्ञापन लिखकर नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर और पदाधिकारियों के साथ एसडीएम और सीएसपी को दे दिया। विरोध की सूचना पर मंत्री के बंगले पर चली गई विधायक
इधर, विधायक निवास के घेराव की सूचना कांग्रेस के मीडिया विभाग ने एक दिन पहले ही जारी कर दी थी। जिससे कि पुलिस अलर्ट हो गई और रास्ते पर बैरिकेडिंग लगा दी। यहां तक कांग्रेसियों ने बैरिकेडिंग फांदने की कोशिश करते हुए विधायक निवास की ओर कूच करने की कोशिश की तो पुलिस ने गाड़ियां अड़ा दी। वहीं कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए विधायक कंचन तनवे अपने पड़ोस में रहने वाले मंत्री विजय शाह के बंगले पर चली गई। जहां मंत्री विजय शाह से मुलाकात की। विधायक ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की है।


