इंदौर के अखंडधाम आश्रम में अ.भा. संत सम्मेलन:व्यक्तिगत और सामाजिक चरित्र तभी बचेंगे, जब राष्ट्र का चरित्र ऊंचा होगा- शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ जी

जब तक राष्ट्र का चरित्र ऊंचा नहीं उठेगा, तब तक सामाजिक और व्यक्तिगत चरित्र भी नहीं बनेंगे। राष्ट्र चरित्र को ऊंचा उठाना आज की पहली जरूरत है। व्यक्ति से ही परिवार, समाज और राष्ट्र का निर्माण होता है। आज वाणी का प्रदूषण भी एक बड़ी समस्या बन गया है। वेदांत संत सम्मेलन जैसे आयोजन समाज और राष्ट्र के लिए हर दृष्टि से प्रासंगिक हैं, क्योंकि आज देश में नैतिक मूल्यों का संकट आ खाड़ा हुआ है। धर्म और सनातन संस्कृति के संवर्धन के लिए सबको संगठित होने की जरूरत है। हमारे युवा पश्चिम की राह पर चलने लगे हैं। राष्ट्र चरित्र के मामले में हमें बहुत आगे आने की जरूरत है। व्यक्तिगत और सामाजिक चरित्र तभी बचेंगे, जब राष्ट्र का चरित्र ऊंचा होगा। सनातन धर्म को तो हमें आगे बढ़ाना ही है, लेकिन राष्ट्र धर्म सर्वोपरि है। जगदगुरू शंकराचार्य, भानपुरा पीठाधीश्वर स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ जी ने बुधवार को बिजासन रोड स्थित अविनाशी अखंड धाम आश्रम पर चल रहे 57वें अ.भा. अखंड वेदांत संत सम्मेलन की धर्मसभा में मुख्य वक्ता के रूप में यह बात कही। संत सम्मेलन में आज सदगुरू अण्णा महाराज, हरिद्वार से आए स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती, वृंदावन के महामंडलेश्वर स्वामी जगदीश्वरानंद, सारंगपुर से आई साध्वी अर्चना दुबे, डाकोर से आए वेदांताचार्य स्वामी देवकीनंदन दास, रतलाम से आए महामंडलेश्वर स्वामी देवस्वरूप, अखंड परमधाम आश्रम की साध्वी चैतन्य सिंधु, चौबारा जागीर के संत नारायणानंद, संत राजानंद, मानव धर्म समिति के संत वर्धमानानंद सहित अनेक वक्ताओं अपने दिव्य विचार व्यक्त किए। सभी संतों ने वेदांत, धर्म, संस्कृति, एवं जीवन से जुड़े ज्वलंत विषयों पर अपने प्रभारी विचार व्यक्त किए। आश्रम के महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी चेतन स्वरूप, अध्यक्ष हरि अग्रवाल, संयोजक किशोर गोयल, समाजसेवी विष्णु बिंदल, टीकमचंद गर्ग, सचिव भावेश दवे, सचिन सांखला, पार्षद निरंजनसिंह चौहान गुड्डू, विजयसिंह परिहार, आदित्य सांखला आदि ने सभी अतिथि संतों का स्वागत किया। शंकराचार्यजी के आगमन पर नारायण अग्रवाल, रामबाबू अग्रवाल, राजेन्द्र मित्तल, शैलेन्द्र मित्तल, राजेन्द्र सोनी, रणधीर दग्धी, आदित्य सांखला आदि ने पुष्प वर्षा कर उनकी अगवानी की। शंकराचार्यजी ने सदगुरू अण्णा महाराज, समाजसेवी विष्णु बिंदल, टीकमचंद गर्ग की सेवाओं के लिए शाल-श्रीफल भेंटकर उनका सम्मान भी किया। साइबर धोखेबाजों से बचने के लिए डीसीपी ने बताए तरीके अ.भा. अखंड संत वेदांत सम्मेलन में सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात उठाने के लिए संकल्पित आयोजन समिति ने बुधवार को इंदौर पुलिस की साइबर क्राईम ब्रांच के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया को आमंत्रित किया, जिन्होंने अपने उदबोधन में साइबर क्राइम से बचने के अनेक महत्वपूर्ण सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम का जाल बहुत फैला हुआ है। हमें धोखेबाजों से बचने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम रील, वेबसाईट, एप आदि पर आने वाले विज्ञापनों पर कतई भरोसा नहीं करना चाहिए। अधिकांश विज्ञापन इनमें धोखाधड़ी के उद्देश्य से दिए जाते हैं। हम गूगल से ऑनलाइन चीजें मंगाने में भी गच्चा खा सकते हैं। साइबर क्राइम करने वालों का सुनियोजित षडयंत्र होता है। वे हमारे लोभ और भय, दोनों का दोहन कर हमें कई तरह से धोखाधड़ी का शिकार बना सकते हैं। हमें अपने मोबाइल का उपयोग अपने विवेक और सोच के आधार पर करना चाहिए। अपराधी तो हमारा शिकार करने के लिए जाल बिछाए बैठे रहते हैं, सावधानी हमें ही रखना होगी। यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी होती है तो वह पूरे देश के लिए जारी 1930 और इंदौर के लिए 7049124445 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए सबसे सरल सूत्र यही है कि हम अनजान नंबर, लिंक, एप और वेबसाइट आदि को नहीं खोलें। दूसरा कस्टमर केयर और गूगल से ढूंढे गए नंबरों पर विश्वास नहीं करें और उनका उपयोग करने के पहले उनकी सत्यता की पुष्टि भी कर लें और सबसे जरूरी जैसे ही धोखेबाज पैसे के लेन-देन की बात करे अथवा आपको लोभ एवं भय के जाल में फंसाने का प्रयास करे, आप समझ लीजिए कि आपको साइबर क्राइम का शिकार बनाया जा रहा है। न तो कोई डिजीटल अरेस्ट होता है और न ही हाउस अरेस्ट। यह सब आपके भय के दोहन का नतीजा होता है। अज्ञात और अनजान नंबर हो या व्यक्ति हो, कतई विश्वास नहीं करें।ये लोग इतने शातिर होते हैं कि अनेक संत, डॉक्टर, पढ़े-लिखे और कारोबारी लोग इनके शिकार बनते रहते हैं। हालांकि पुलिस ने कई लोगों को धर दबोचा है और यदि आप तत्काल अपने साथ हुई वारदात की सूचना पुलिस को दे देंगे तो बहुत राहत मिलने के अवसर बढ़ जाते हैं। समाजसेवी अनिल भंडारी के विशेष आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी प्रमुख संतों के अलावा स्कूली छात्राएं, आम श्रद्धालु और प्रबुद्धजन भी मौजूद थे। इस अवसर पर महामंडलेश्वर डॉ.स्वामी चेतन स्वरूप ने दंडोतिया का सम्मान किया। समिति की ओर से हरि अग्रवाल, किशोर गोयल, अशोक गोयल, राजेन्द्र सोनी, भावेश दवे, सचिन सांखल, आदित्य सांखला आदि ने स्वागत किया। 19 दिसंबर के कार्यक्रम अखंड धाम पर चल रहे 57वें अ.भा. अखंड वेदांत संत सम्मेलन के पांचवे दिन 19 दिसंबर को जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद महाराज की अध्यक्षता में दोपहर 3 बजे से महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी चेतन स्वरूप के सानिध्य में वृंदावन से आए स्वामी जगदीश्वरानंद, हरिद्वार से आए महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती, रतलाम से आए महामंडलेश्वर स्वामी देवस्वरूप, चौबारा जागीर के स्वामी नारायणानंद, सारंगपुर की साध्वी अर्चना दुबे, स्वामी परमानंद, संत राजानंद एवं अन्य संत विद्वानों के प्रवचनों की अमृत वर्षा होगी। गुरुवार को स्कूली छात्रा-छात्राओं को धर्मांतरण एवं लव जिहाद की बढ़ती घटनाओं से सतर्क करने के लिए शपथ भी दिलाई जाएगी।

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