इंदौर में भंवरकुआ स्थित उत्कर्ष कोचिंग सेंटर पर छापामार कार्रवाई की गई। सुबह तीन इनोवा गाड़ियों में सवार आयकर विभाग के अधिकारी पुलिस टीम के साथ सेंटर पहुंचे। इस दौरान सुबह 8 बजे कोचिंग क्लासेस चल रही थीं। विभाग की टीम ने छात्रों को बाहर निकाला। इसके साथ ही सेंटर हेड और मौजूद स्टाफ के मोबाइल बंद करवा दिए। फिर दस्तावेजों और कंप्यूटर के डेटा की छानबीन शुरू की। उत्कर्ष कोचिंग के सेंटर्स पर देशभर में आयकर विभाग ने छापेमारी की है। सुबह करीब छह बजे जयपुर, जोधपुर, इंदौर, प्रयागराज सहित अन्य केंद्रों पर अलग-अलग टीमें पहुंचीं। इन सभी सेंटरों पर अभी गहन छानबीन चल रही है। इसमें कई गड़बड़ियों की जानकारी सामने आने की सूचना है। इंदौर में भी इनकम टैक्स विभाग की टीम जुटी है। दिनभर में अलग-अलग बेचेस के स्टूडेंट्स जब सेंटर पहुंचे तो पता चला कि अंदर छानबीन चल रही है। ऐसे ही कई फैकल्टीज को भी मौके पर पहुंचने पर इसकी जानकारी मिली। इसके चलते आज ऑन लाइन और ऑफ लाइन क्लासेस नहीं लगी। ग्रुप डायरेक्टर के राजस्थान निवास पर खास छानबीन इनकम टैक्स विभाग के इन्वेस्टिगेशन विंग की जॉइंट डायरेक्टर प्रेरणा चौधरी के निर्देशन में यह कार्रवाई हो रही है। जानकारी के मुताबिक, उत्कर्ष कोचिंग समूह के डायरेक्टर निर्मल गहलोत के राजस्थान स्थित उम्मेद हैरिटेज स्थित बंगले और संस्थान के बासनी मंडी के सामने स्थित मुख्यालय पर कार्रवाई चल रही है। यहां क्लासेस से बच्चों को बाहर निकालकर ऑफिस में रखे तमाम दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए गए। साथ ही अधिकारियों ने सेंटर्स पर मौजूद स्टाफ के मोबाइल भी जब्त कर उन्हें वहीं पर बैठा दिया। जोधपुर में 16 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई जोधपुर के 16 और जयपुर, इंदौर, प्रयागराज के एक-एक ठिकानों पर विभाग के कर्मचारी मौजूद हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई से कोचिंग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, फिजिक्स वाला और उत्कर्ष कोचिंग की कुछ महीनों पहले पार्टनरशिप को लेकर बड़ी डील हुई थी। इसके बाद से मैनेजमेंट में फिजिक्स वाला की भागीदारी शुरू हुई थी। विभाग को ऐसी शिकायतें मिली थीं कि 800 करोड़ से ज्यादा की इस डील में बड़े पैमाने पर अघोषित लेनदेन शामिल है। इसके बाद से ही आयकर विभाग के अधिकारी उत्कर्ष के ठिकानों पर नजर रखे हुए थे। छापेमारी में उत्कर्ष के बड़े वेंडर्स भी शामिल उत्कर्ष कोचिंग समूह पर छापेमारी के दौरान विभाग की टीमों ने समूह से जुड़े अन्य लोगों और व्यवसायियों पर भी कार्रवाई की है। इनमें समूह को कंप्यूटर हार्डवेयर सप्लाई करने वाले हरी एंटरप्राइजेज, प्रिंटिंग का काम करने वाले जैन समूह, उत्कर्ष के अकाउंटिंग विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले और अन्य सामग्री सप्लाई करने वाले बड़े वेंडर्स शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन्हीं में से एक वेंडर ऐसा भी है, जिसने राजस्थान शहर में इलेक्ट्रॉनिक्स की सामान्य दुकान से शुरुआत की थी। इस वेंडर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के मकान को छोड़कर शहर की सबसे पॉश और महंगी आवासीय कॉलोनी उम्मेद हैरिटेज में बंगला खरीदने और जलजोग क्षेत्र में शोरूम लगाने तक आयकर विभाग की नजर पहले से थी। आईपीओ की तैयारियों पर भी असर की आशंका सूत्रों के अनुसार, फिजिक्स वाला-उत्कर्ष डील के बाद इसके मालिक आईपीओ लाने की भी तैयारियों में जुटे थे। ऐसे में गुरुवार को हुई आयकर विभाग की कार्रवाई का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष असर उन तैयारियों पर पड़ने की आशंका है। वहीं, पिछले कुछ महीनों में प्रॉपर्टी से जुड़े बड़े सौदे भी किए गए थे। इनकी भी जानकारी टीम को मिली है। पहले भी विवादों में रहा उत्कर्ष कोचिंग सेंटर उत्कर्ष कोचिंग सेंटर भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहद लोकप्रिय माना जाता है, लेकिन जयपुर सेंटर में 15 दिसंबर को हुई एक घटना ने इसे और विवादित बना दिया। इस घटना में छात्रों के अचानक बेहोश होने की खबरें सामने आई थीं। इस मामले को लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) ने भी संज्ञान लिया है। NGT ने राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय और जयपुर जिला कलेक्टर से जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को होनी है।


