इंदौर क्लाइमेट मिशन:65,000 परिवारों ने 20% बिजली की खपत कम करने का लिया संकल्प

स्वच्छता में बेजोड़ नेतृत्व के लिए प्रसिद्ध इंदौर अब स्थिरता में नए मानक स्थापित कर रहा है। 1 दिसंबर 2024 को शुरू हुए 100-दिनों के अभियान के तहत शनिवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव और एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के संस्थापक प्रोफेसर चेतन सिंह सोलंकी ने मीडिया से चर्चा की। इस मौके पर इंदौर के छह प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। प्रोग्राम में शैक्षणिक संस्थानों की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया गया, जिससे शहर की कुल बिजली खपत में 20% की कमी और 3,00,000–5,00,000 लोगों को ऊर्जा साक्षरता में सम्मिलित करने का लक्ष्य हासिल किया जा सके। यह पहल इंदौर नगर निगम और एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के बीच हस्ताक्षरित MoU का परिणाम है। इंदौर के छह प्रमुख संस्थानों से जुड़े 65,000 से अधिक परिवारों ने बिजली की खपत कम करने और ऊर्जा संरक्षण की प्रथाओं को अपनाने का संकल्प लिया। संस्थानों ने अपनी बिजली खपत में 20% की कमी लाने और अपने नेटवर्क में इस संदेश को फैलाने का वादा किया। जागरूकता कार्यक्रम, ऊर्जा बचत पहल, और साप्ताहिक ऊर्जा संरक्षण अभ्यास के माध्यम से लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। इस मौके पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा – इंदौर ने हमेशा नवाचार और स्थिरता में उदाहरण पेश किया है। इंदौर क्लाइमेट मिशन के माध्यम से, हम जलवायु परिवर्तन के अदृश्य खतरे का सामना कर एक सुरक्षित और स्थिर भविष्य बना रहे हैं। प्रो. चेतन सिंह सोलंकी ने कहा – इंदौर क्लाइमेट मिशन यह दर्शाता है कि सामूहिक प्रयासों से बड़े परिवर्तन संभव हैं। शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी जिम्मेदारी और जागरूकता की एक ऐसी मिसाल बना रही है, जिसे दुनिया भर के शहर अपनाएंगे। ऊर्जा साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है मेजर डॉ. अनामिका जैन, प्रिंसिपल, शासकीय होलकर (मॉडल, स्वायत्त) विज्ञान महाविद्यालय ने कहा – इंदौर क्लाइमेट मिशन का उद्देश्य पर्यावरणीय संतुलन को पुनस्थापित करना और सतत प्रथाओं को प्रोत्साहित करना है। शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय 12,000 छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ, कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और ऊर्जा साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। 30 हजार परिवारों का समर्थन डॉ. राकेश सिंघाई, कुलपति, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने कहा – DAVV, 30,000 परिवारों के साथ, इस मिशन का पूरी तरह से समर्थन करता है और स्थानीय नेतृत्व के माध्यम से वैश्विक जलवायु कार्रवाई को प्रेरित करता है। 100 प्रतिशत ऊर्जा साक्षर बनाया जाए प्रो. नीतेश पुरोहित, निदेशक, श्री जी. एस. इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस ने कहा – SGSITS का लक्ष्य है कि अगले 20-25 दिनों में अपने 5,000 छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को 100% ऊर्जा साक्षर बनाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी साप्ताहिक ऊर्जा संरक्षण दिशा निर्देशों का पालन करें, जिससे अधिकतम प्रभाव डाला जा सके। सभी को करेंगे प्रेरित राजेश अवस्थी, प्रिंसिपल, चोइथराम स्कूल ने कहा – आपकी विरासत क्या होनी चाहिए: भौतिक वस्तुएं या एक स्वच्छ पर्यावरण? चोइथराम स्कूल अपने 10,000 छात्रों और कर्मचारियों के साथ अपनी बिजली खपत को 20% तक कम करने और परिवारों को स्थायी ऊर्जा प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। जयवायु परिवर्तन हो चुका है किंशुक त्रिवेदी, उपाध्यक्ष, श्री अरबिंदो ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट्स ने कहा – बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं स्पष्ट संकेत हैं कि जलवायु परिवर्तन हो चुका है। श्री अरविंदो ग्रुप, 5,000 छात्रों और कर्मचारियों के साथ, इस मिशन को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मिशन का हिस्सा बनने पर गर्व है डॉ. अंजु चोपड़ा, प्रिंसिपल, श्री सत्य साईं विद्या विहार, इंदौर ने कहा – जलवायु परिवर्तन हो चुका है। कार्रवाई का सबसे अच्छा समय 20 साल पहले था; दूसरा सबसे अच्छा समय अब है। 3,000 छात्रों और कर्मचारियों के साथ, हमें इस अद्वितीय मिशन का हिस्सा बनने पर गर्व है।

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