इंदौर में मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति होना शुरू हो गई हैं। ग्रामीण मंडल अध्यक्षों की सूची जारी कर दी गई हैं। इस सूची में सभी 16 मंडलों के अध्यक्ष नियुक्त कर दिए गए हैं। खास बात यह है कि सभी मंडल अध्यक्ष विधायकों के समर्थक ही बने हैं। महू के सिर्फ एक मंडल अध्यक्ष स्थानीय विधायक का समर्थक नहीं होते हुए राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार के समर्थक को बनाया गया है। बीजेपी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इंदौर महानगर की सूची जारी होने में देर हो रही है क्योंकि नगर के 7 मंडल अध्यक्ष में विधायकों ने पेंच फंसाया हैं। बीजेपी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महू के 5 में से सिर्फ 1 मंडल में स्थानीय विधायक की पसंद को जगह ना देते हुए राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार की पसंद को जगह दी गई है। इसके पीछे की वजह यह है जिसे मंडल का अध्यक्ष बनाया है, वह मंडल उनके पिता के नाम पर ही है। महू के भेरूलाल पाटीदार मंडल का अध्यक्ष मुकेश पाटीदार को बनाया गया है, जो की कविता पाटीदार के समर्थक है। वहीं अन्य मंडलों के अध्यक्ष स्थानीय विधायकों की पसंद से ही बनाए गए हैं। महू के भीमराव आंबेडकर मंडल का अध्यक्ष महेश यादव, केजी माहेश्वरी मंडल का अध्यक्ष पियूष अग्रवाल, टंट्या मामा मंडल का अध्यक्ष रूपेश वाघमोड़े और परशुराम मंडल का अध्यक्ष संजय मीणा को बनाया गया हैं। बीजेपी नेताओं का कहना है कि इंदौर ग्रामीण की सूची तो दबाव-प्रभाव के नामों की ही जारी हुई हैं। महिला को नहीं बनाया अध्यक्ष इंदौर ग्रामीण से किसी भी मंडल की अध्यक्ष महिला को नहीं बनाया गया है। यहां पर 100 प्रतिशत मंडल में पुरुषों को जगह दी गई है। बता दें कि संगठन 33 प्रतिशत महिलाओं को अध्यक्ष बनाने की बात कह रहा है। जिसका पालन इस सूची में होता नजर नहीं आया। इंदौर ग्रामीण ही नहीं कई अन्य निकाय में भी महिला अध्यक्ष नहीं मिली। केवल नीमच जिले में पूजा शर्मा को मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया है। बाकी जिलों में पुरुषों को ही प्राथमिकता दी गई। अब इंदौर शहर में में कितनी महिला अध्यक्ष बनाई जाती है यह देखने वाली बात होगी। कई विधानसभाओं में आई परेशानी बताया जा रहा है कि एक नंबर विधानसभा में सभी मंडल अध्यक्ष बदले जा रहे हैं। कुछ पुराने अध्यक्षों ने पद पर बने रहने की इच्छा जताई थी, लेकिन संगठन ने नामंजूर कर दिया। दो नंबर के एक मंडल में कल रायशुमारी के पहले घमासान हुआ। एक नाम के विरोध के चलते शिकवा-शिकायतें होती रहीं। तीन नंबर में भी एक दो नाम रिपीट हो सकते हैं और दो मंडल में नए नाम आ सकते हैं। चार नंबर में पूर्व मंडल अध्यक्ष सचिन जैसवानी ने रायशुमारी में नहीं बुलाने की शिकायत की। जैसवानी और गौड़ परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा है। पांच नंबर में सभी के बदलने के आसार हैं तो राऊ में भी लगभग यही स्थिति है। इंदौर नगर की सूची आज जारी होने की संभावना है। संगठन के बजाय विधायकों ने मारी बाजी क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल पहले भी संगठन चुनाव को लेकर बैठक ले चुके हैं। उन्होंने कहा था कि चुनाव संगठन के तरीके और प्रक्रिया से होंगे, केवल विधायकों के कहने से मंडल अध्यक्ष नहीं बनाए जाएंगे। इसके लिए पूरी प्रक्रिया और रायशुमारी की जाएगी। इसी के तहत प्रदेश महामंत्री रणवीर सिंह रावत पूरी प्रक्रिया में बारीक नजर रखे हुए थे। वे खुद दो दिन से इंदौर में हैं। उन्होंने ही रायशुमारी की पर्चियां ली थी लेकिन इंदौर ग्रामीण की जो लिस्ट सामने आई है, उसमें कही भी ऐसा नजर नहीं आ रहा है कि अध्यक्ष बनाने में संगठन की चली हो। लिस्ट में विधायक ही हावी नजर आ रहे हैं।


