इंदौर के कनाडिया थाना क्षेत्र में कार बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो युवकों और एक महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि आरोपियों ने चोरी की गाड़ियों को अपनी बताकर पीड़ित को बेच दिया और उससे करीब 10 लाख 50 हजार रुपए ऐंठ लिए। कनाडिया पुलिस के अनुसार, आलोक नगर निवासी जीतू उर्फ जितेंद्र पुत्र दिलीप परमार की शिकायत पर मोहम्मद फिरोज पुत्र अजीज शेख और उसकी पत्नी शबाना शेख, निवासी शांति विहार कॉलोनी, के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपी मूल रूप से उदयपुर, राजस्थान के रहने वाले बताए जा रहे हैं। ऐसे हुआ सौदा शिकायतकर्ता जितेंद्र ने बताया कि उसने आरोपियों से दो कार खरीदी थीं। एक कार का सौदा साढ़े चार लाख रुपए में और दूसरी का छह लाख रुपए में तय हुआ था। आरोपी फिरोज ने खुद को कार खरीद-बिक्री का व्यवसायी बताया और कहा कि एक कार वह अपने लिए और दूसरी अपने भाई ललित के लिए ले रहा है। फिरोज ने दोनों कारों के लिए अनुबंध पत्र तैयार किया और पूरी रकम अपने पास रख ली। इसके बाद दोनों कारों की डिलीवरी जितेंद्र को दे दी गई। हालांकि, जब कारों के दस्तावेज ट्रांसफर कराने की बात आई, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। चोरी की निकलीं कारें अक्टूबर 2025 में नीलगंगा थाना पुलिस कार जब्त करने इंदौर पहुंची। तब जितेंद्र ने दोनों कारें पुलिस को सौंप दीं और बताया कि उसने ये कारें फिरोज से एग्रीमेंट के जरिए खरीदी थीं। आरोपी ने कारों को अपनी और अपनी पत्नी शबाना के नाम की बताते हुए सौदा किया था। जांच के बाद एफआईआर घटना की जानकारी जितेंद्र ने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।


