इंदौर में बच्चा चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस कमिश्नर ने झूठी अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसी बीच द्वारकापुरी क्षेत्र में रविवार रात एक महिला 11 साल के बच्चे को अपने साथ ले जाने की कोशिश करती हुई सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दी। हालांकि बच्चे के दोस्त द्वारा आवाज देने पर वह तुरंत वापस लौट आया। बाद में बच्चे के परिजन थाने पहुंचे। पुलिस ने महिला को पूछताछ के लिए थाने लाया, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उसे छोड़ दिया गया। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर एडवाइजरी जारी कर बच्चा चोरी की झूठी अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। बताया गया कि महाशिवरात्रि की रात सांई मंदिर, अहिल्या परिसर के पास बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान युग नाम के 11 वर्षीय बच्चे को एक महिला अपने साथ ले जाने लगी। महिला उसी इलाके से दो गलियों दूर रहती है। तभी बच्चे के दोस्त ने उसे आवाज दी, जिसके बाद बच्चा महिला के पास से वापस अपने दोस्तों के पास लौट आया। इसके बाद बच्चे के परिजन महिला के घर पहुंचे और उसके बेटे से बात की। बेटे ने इसे गलतफहमी बताया। पुलिस महिला को थाने लाई बाद में युग के परिजन द्वारकापुरी थाने पहुंचे और टीआई मनीष मिश्रा को सीसीटीवी फुटेज दिखाया। पुलिस महिला को पूछताछ के लिए थाने लेकर आई। महिला ने बताया कि वह अपना घर भूल गई थी, इसलिए बच्चे से रास्ता पूछ रही थी। पुलिस जांच में सामने आया कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने बच्चे के परिजनों से एफआईआर दर्ज कराने के लिए भी कहा, लेकिन उन्होंने शिकायत करने से इंकार कर दिया। हालांकि सोशल मीडिया पर बच्चा चोरी की अफवाहों के चलते शहर में बच्चों के परिजनों में डर का माहौल बना हुआ है।


