द्वारकापुरी क्षेत्र में दौरे पर पहुंचे महापौर के सामने एक महिला ने निगम के कामकाज को लेकर खुले तौर पर नाराजगी जताई। महिला ने कहा कि इलाके में बने गड्ढे के पास सुरक्षा इंतजाम ठीक नहीं होने से कई लोग हादसों का शिकार हो चुके हैं, लेकिन इसे महापौर के आने से कुछ ही देर पहले ठीक किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यह काम पहले क्यों नहीं किया गया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव बुधवार को वार्ड 84 में ‘संकल्प से समाधान’ कार्यक्रम के तहत जनता चौपाल कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां वार्ड की एक महिला ने महापौर और पार्षदों को खरी-खरी सुनाई। सड़कें खोदकर फिर से बनाई जा रहीं महिला ने आगे कहा कि अगर महापौर के आने का प्रभाव है तो उनका नाम ही काफी होना चाहिए, बार-बार दौरा करने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम कर्ज में होने की बात कही जाती है, फिर भी अच्छी सड़कों को खोदकर नई सड़कें बनाई जा रही हैं और ठीक-ठाक गार्डन की दीवारें तोड़कर दोबारा निर्माण किया जा रहा है। जनता के बीच जाकर सुनें समस्याएं महिला ने महापौर से निवेदन करते हुए कहा कि वे गाड़ी में बैठकर नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनें। उन्होंने पूर्व जनप्रतिनिधि लक्ष्मण सिंह गौड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि वे लोगों के बीच रहते थे, इसी वजह से जनता आज भी उन्हें याद करती है। महिला ने यह भी कहा कि क्षेत्र में टैक्स बढ़ने से लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है और अब स्लैब खत्म होने से गरीबों पर असर पड़ रहा है। इस पर महापौर ने कहा कि जनता के सुझावों पर जरूर अमल किया जाएगा और समस्याओं के समाधान की कोशिश की जाएगी। यहां पढ़िये महिला ने क्या कहा और महापौर ने क्या जवाब दिया महिला – महापौर जी, आप आए तो कॉर्नर पर एक गड्ढा बना हुआ था। लाइन तो दी थी, उसको प्रॉपर बंद नहीं किया गया। न जाने कितने लोग एक्सीडेंट का शिकार हुए हैं। बड़े, बुजुर्ग लोग भी शिकार हुए। आज आप जब आ रहे थे, आपके आने के 10 मिनट पहले उसको फटाफट साफ किया गया। तो सर, यह चीज आपके आने पर ही क्यों हुई? आपके आने से पहले भी होना थी।
महापौर – मेरे आने का कुछ तो प्रभाव हो, इसीलिए आते हैं दौरा करने।
महिला- सर, यदि प्रभाव है तो आपका नाम ही काफी होना चाहिए, आपको आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आपकी जो पार्टी है, वो कार्य नहीं कर रही है। बोलते हैं कि जे निगम कर्जे में है। यदि कर्जे में है तो फिर अच्छी सड़क को खोदकर नई क्यों बनाई जा रही है? ब्लॉक अच्छे लगे हुए हैं, उनको खोद के फिर नया कर दिया। हमारा गार्डन अच्छा था, उसको आप थोड़ा सा और अच्छे से कर सकते थे। दीवारें तोड़ने की कोई जरूरत ही नहीं थी सर, फिर तोड़ा, फिर बनाया। इसीलिए सर, मेरी आपसे रिक्वेस्ट है, प्लीज आप गाड़ी से नहीं। जनता से रूबरू होकर समस्याएं सुनिए।
महिला – जो हमारे स्व. लक्ष्मण सिंह जी गौड़ (पूर्व विधायक) थे ना, वो फोर व्हीलर में नहीं चलते थे, वो लोगों के साथ चलते थे, घर-घर जाते थे। इसीलिए लोग उनको आज भी पूजते हैं, आज भी मानते हैं। आपके पार्षदों से बोलिए कि घर-घर जाएं, उनसे सुनिए कि उनको प्रॉब्लम क्या है। लोगों को बहुत प्रॉब्लम है। मेरा भी आपसे यही निवेदन है।
महापौर- सुझाव अच्छे हैं। हम इस पर जरूर काम करेंगे। महिला – देखती हूं, आप कितनी कोशिश करते हैं… धन्यवाद।


