इंदौर में रीड्यूस, रीयूज और रिसाइकल पर वर्कशॉप:IIID शो केस; ट्रेजर हंट में ढूंढे क्लू; प्राकृतिक रोशनी और हवा के लिए अब बड़ी विंडोज का ट्रेंड

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीरियर डिजाइनर्स (IIID) के शो केस में शनिवार को ट्रेजर हंट हुआ। इसमें 10-10 लोगों की टीम बनाकर अलग-अलग क्लू देकर कॉम्पीटिशन किया गया। हर टीम के लिए स्टॉल पे क्लू छिपे थे। जैसे-जैसे लाइट जो घूमती हो इसे देख सभी साथी फैनजार्ट के स्टॉल पे पहुंच गए। फिर वहीं अगला क्लू मिला। हर घर मुस्कुराता है जिसे देख सभी पेंट स्टॉल पे पहुंचे। जहां से गेम स्टार्ट किया वहीं पहले पहुंच के विजेता हुए। आयोजन में इसरो के लिए डिजाइनिंग कर रहे आर्किटेक्ट सुनील लडा ने वर्कशॉप के दौरान पेपर से अलग-अगल तरह के आर्ट पीस बनवाए। उनकी शैडो से भी कई तरह की आकृतियां बनवाकर लोगों की क्रिएटिविटी को बढ़ाने के लिए रोचक तरीके सिखाए। उन्होंने कहा कि मुझसे सीधी लाइन्स नहीं बनती है इसलिए मेरे काम भी आपको कई इनोवेटिव डिजाइंस दिखाई देंगे। यंग आर्किटेक्ट से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि आपके पास काम करने की अपार संभावना है। बस आपको उसमें नई संभावनाएं खोजने की आवश्यकता है। अपने काम से मोह रखने के बजाय एक काम पूरा कर अगले काम की ओर बढ़ना जरूरी है। आयोजन में पलक गुप्ता द्वारा अल्कोहल इंक से सेरेमिक पॉट पे आर्ट वर्कशॉप आयोजित की गई। इसमें सभी से अपने आर्टिस्टिक सोच को रंगों से तैयार किया। रीड्यूस, रीयूज और रिसाइकल को समझा
चैयरपर्सन आर्किटेक्ट अभिषेक जुल्का ने कहा कि तीन दिनों में 15 हजार लोगों ने शो केस विजिट किया है। रेसिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट के लिए आइडियाज और प्रोडक्ट मिलने के साथ ही सीनियर आर्किटेक्ट से कंसल्ट करने के मौका भी मिल रहा है। सस्टेनीबिटिलिटी से नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए हम रीड्यूस, रीयूज़ और रिसाइकल थीम पर वर्कशॉप की जाएगी। आर्ट गैलरी में सारे यंग आर्टिस्ट की कलाओं को प्रस्तुत किया गया है। सभी कलाकारों ने अलग-अलग मीडियम का उपयोग करते हुए आर्ट वर्क तैयार किया है। इंटरनेशनल ब्रांड और कस्टमाइस फर्नीचर
फर्नीचर व्यवसायी सनी नावड़कर ने बताया कि अब लोग पूरे घर का फर्नीचर एक ही सिमेट्री में पसंद करते हैं। ऐसे में एक ही कलर थीम को लेकर पूरे घर का फर्नीचर तैयार करते हैं। इंडियन ब्रांड्स के साथ ही लोग जर्मन और इटालियन फर्नीचर को भी काफी पसंद करते हैं। कस्टमर की जरूरत के मुताबिक फर्नीचर कस्टमाइज भी हो जाता है। व्यवसायी मोहित संचेती के मुताबिक घरों में ज्यादा प्राकृतिक रोशनी और हवा के लिए अब बड़ी खिड़कियां पसंद की जाने लगी है। लाइट वेट स्ट्रक्चर बनाने के लिए एल्युमिनियम आज पहली पसंद बन चुका है। इसमें अब कलर ऑप्शंस भी उपलब्ध है। रेलिंग, वॉल पार्टीशन, डोर्स और विंडोज के लिए इसका सबसे ज्यादा उपयोग हो रहा है। व्यवसायी आदित्य शर्मा ने बताया आज बाथरूम को लेकर लोगों की सोच बदल चुकी है। यह अब रिलेक्सिंग रूम बन चुका है। यही कारण है कि हम शो केस में अपने प्रीमियम प्रोडक्ट रेंज लेकर आए हैं, जो लोगों की पर्सनल नीड्स को पूरा करते हैं।

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