फूलों से सज्जित खंभों और विशाल दरवाजों और फूलों के झरोखे वाले राजमहल में प्रभु वैकुंठनाथ वेंकटेश बालाजी के दर्शन को श्री पद्मावती वेंकटेश देव स्थान पर लंबी-लंबी कतारें लगी। मंदिर समिति के बाल किशन सिंगी एवं बंशीधर सोमानी ने बताया कि श्री पद्मावती वेंकटेश देवस्थान पर ब्रह्मोत्सव के दूसरे दिन पर गुरुवार को फूल बंगला सजाया गया। इसमें करीब सौ से अधिक केले के तनों का प्रयोग कर फूल महल का निर्माण किया गया। इसमें मोगरा गेंदा, गुलाब ,जूही, कुंद जरबेरा, आर्केड सहित 300 किलो से अधिक फूलों का प्रयोग किया गया। छत पर केले के तनों से नक्काशी एवं फूलों की सुंदर झालर एवं खंभों पर फूलों का सुंदर कार्य देखते ही बन पड़ा था, महल का आकर्षक दरवाजा था, जो सभी का मन मोह रहा था। आकर्षक फूलों की रंगोली भी बनाई गई थी। भजनों पर नाच उठे भक्त मंदिर समिति के प्रदीप साबू एवं सरला हेडा ने बताया कि स्वामी केशवाचार्य जी महाराज के सानिध्य में पोद्दार परिवार, कश्यप परिवार एवं सुनील अनिल तोतला ने भगवान का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद फूल बंगले के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इस दौरान राम हुरकट ने देर रात तक सुमधुर भजनों से भक्तों को नृत्य करने पर मजबूर किया। व्यवस्था को सुचारू रूप देने के लिए राजेंद्र काबरा, सालासर बालाजी सरकार मंडल, अनीता मंत्री, पदमा सोनी, सुभद्रा बाई साबू अपने-अपने कार्यों में लगे हुए थे। मेहंदी के गीतों पर महिलाओं ने खूब मचाई धूम दिनेश शारदा एवं नितिन तापड़िया ने बताया कि 9 जनवरी को होने वाले गोदा रंगनाथ विवाह उत्सव के पूर्व गुरुवार दोपहर से ही मंदिर में मेहंदी के गीतों पर महिलाओं ने खूब धूम मचाई। आओ सखियों मुझे मेहंदी लगा दो, गोदाजी संग रंग जी ब्याव रचाया, श्रीरंगम से आई रेल जा में आया बताशा गोदाजी के विवाह में सब करे तमाशा… जैसे गीत साधना साबू , अनुराधा कश्यप महिला मंडल के साथ गा रही थी। सुबह 10 बजे से 9 जनवरी को गोदा रंगनाथ विवाह उत्सव मनाया एवं सायंकाल 5 बजे से मंदिर परिसर से रथ यात्रा निकाली।


