श्री नारायण भक्ति पंथ एवं हरि भक्तों द्वारा शहर में भगवान विष्णु की महायात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस महायात्रा में इंदौर के हरि भक्तों के साथ-साथ शहादा, मुंबई, उदयपुर के भक्त भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे। भगवान शेषशायी श्रीनारायण की इस भव्य शोभायात्रा के लिए तैयारियां का दौर जारी है। रविवार को वायएन रोड स्थित राणी सती मंदिर में आयोजित बैठक में शोभायात्रा व दर्शन-पूजन की व्यवस्थाओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ सभी हरि भक्तों को जिम्मेदारियां भी सौंपी गई। बैठक के दौरान सद्गुरु लोकेशानंद महाराज के सान्निध्य में हरि भक्तों ने पत्रिका का विमोचन किया एवं सभी सदस्यों को अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का निमंत्रण दिया। राजबाड़ा पर होंगे मूर्ति के दर्शन श्री नारायण भक्ति पंथ से जुड़े राजपालसिंह सिसौदिया, नीतिन अग्रवाल एवं महेंद्र अग्रवाल ने बताया कि 9 जनवरी को सुबह 9 बजे राजबाड़ा पर आम भक्त भगवान विष्णु की इस मूर्ति का दर्शन-पूजन कर सकेंगे। दर्शन के पूर्व नावदापंथ के सिदौड़ा गांव से मूर्ति विशाल रथ के माध्यम से राजबाड़ा पहुंचेंगी। यहां पंडि़तों के सान्निध्य में दर्शन-पूजन की व्यवस्था राजबाड़ा पर रहेगी। श्री नारायण भक्ति पंथ से जुड़े मणिकांत गुप्ता, मनीष शर्मा एवं संतोष गर्ग ने बताया कि 9 से 11 बजे दर्शन पूजन करने के पश्चात हरि भक्तों द्वारा राजबाड़ा से गांधी हॉल तक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में हरि भक्त शामिल होंगे। गाजे-बाजे के साथ निकलने वाली यात्रा में अनेक सामाजिक संगठन शामिल होंगे। गांधी हॉल से शोभायात्रा शहादा के लिए प्रस्थान करेगी। शोभायात्रा राऊ, महू, मानपुर, ठीकरी, बरुफाटक, जुलवानिया, गुजरी, सेंधवा, निवाली, पानसेमल, खेतिया आदि नगरों का नगर भ्रमण कर 11 जनवरी को शहादा नगर पहुंचेंगी। 11 जनवरी को शहादा में विशाल भक्ति महोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें सत्संग, भजन, कीर्तन व महापूजा एवं भगवान की विशेष अर्चना संपन्न होगी। वहीं उत्तरायण महापर्व पर 14 जनवरी दोपहर 12 बजे भगवान विष्णु की शेषशायी मूर्ति को गर्भगृह में विराजित किया जाएगा, वहीं 15 जनवरी को महाप्रसादी का आयोजन होगा। इंदौर से 225 किलोमीटर की यात्रा रहेगी लोकेशानंद महाराज ने बताया कि इंदौर से शहादा की 225 किलोमीटर की इस यात्रा मेें अनेक सामाजिक संगठन शामिल होंगे। जिनमें अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज, श्री पारीक ब्राह्मण समाज, श्रीपालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी, वैश्य समाज, क्षत्रीय समाज, मराठी समाज, जैन समाज, बोहरा समाज, सिक्ख समाज, सिंधी समाज, पालीवाल समाज, बजरंग मंडल, सीए एसोसिएशन, डॉक्टर्स ग्रुप, अधिवक्तागण रहेंगे। 225 किलोमीटर की इस यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों द्वारा रथ यात्रा की अगवानी भी इस दौरान की जाएगी।


