इस बार वार्ड बदलने से बढ़ी चुनौती:रांची निगम चुनाव में 60% मतदान का लक्ष्य, 10.27 लाख वोटरों के घर पहुंचेगा वोटर स्लिप

रांची नगर निगम चुनाव की तैयारी अब अंतिम चरण में है। सात दिन बाद प्रचार का शोर भी थम जाएगा। 23 फरवरी को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। रांची जिला प्रशासन ने इस बार कम से कम 60 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा है। क्योंकि, राज्य गठन के 25 वर्षों में नगर निगम के तीन चुनाव हुए हैं, उसमें 50 प्रतिशत भी मतदान का ग्राफ नहीं पहुंचा। पिछले 25 वर्षों में सबसे अधिक मतदान 2018 में हुआ था। उस समय 41.5 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, जो इससे पहले 2013 के नगर निगम चुनाव में हुए मतदान से करीब 7.5 प्रतिशत अधिक थी। हालांकि, वर्ष 2008 में हुए नगर निगम चुनाव के मुकाबले मात्र 0.5 प्रतिशत वोटिंग बढ़ी थी। राज्य गठन के बाद हुए पहले चुनाव में मतदाताओं में काफी उत्साह था, इसके बावजूद 41 प्रतिशत ही वोटिंग हुई थी। इस बार मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए मतदाताओं को अधिक से अधिक संख्या में बूथ तक पहुंचाने की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए प्रशासन की ओर से सभी 53 वार्डों के 10.27 लाख मतदाताओं के घर तक वोटर स्लिप पहुंचाया जाएगा। सभी बूथ के बीएलओ को अपने-अपने क्षेत्र में हरेक मतदाता के घर तक मतदाता सूची पहुंचाने का टास्क दिया गया है। शनिवार से यह अभियान तेज हो जाएगा। हालांकि, इस बार मतदान केंद्रों के विखंडन से बड़े पैमाने पर मतदाताओं के वार्ड बदल गए हैं। इसका असर चुनाव में दिखेगा। वार्ड बदलने से नाराज लोग घर से बाहर नहीं निकले तो मतदान प्रतिशत बढ़ाना काफी मुश्किल हो जाएगा। मतदान बढ़ाने में ये हैं चुनौतियां
1. मतदान केंद्र विखंडन के दौरान जमीनी स्तर पर वार्ड की स्कैनिंग नहीं की गई। नतीजा, मतदाता सूची की गड़बड़ी सामने आ रही है। इसमें सुधार भी संभव नहीं।
2. निगम चुनाव 2024 में हुए विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची के आधार पर हो रहा है। इसलिए इस बार 18 वर्ष पूरा कर चुके युवाओं का नाम नहीं जुड़ा है। ऐसे में 50 हजार से अधिक युवा मतदाता वोट नहीं दे पाएंगे।
3. एक बूथ पर 1500 से कम वोटर हैं। इस बार बैलेट पेपर से चुनाव हो रहा है। वोट डालने में अधिक समय लग सकता है। जबकि, ईवीएम से चुनाव होने से कम समय लगता है। इससे मतदाताओं का उत्साह कम हो सकता है।
4. रांची के करीब 35 वार्डों के वोटरों का वार्ड बदल गया है। ऐसे वोटर अब अपना वार्ड खोज रहे हैं। ऐसे वोटर वोट देने से वंचित हो जाएंगे।
5. विधानसभा-लोकसभा चुनाव में जिस तरह सोसाइटी से मतदाताओं को घर से निकालने के लिए अभियान चलाया गया था, ऐसी पहल नगर निगम चुनाव में नहीं हो रही है। वोटर से अपील : अपने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए मतदान जरूर करें : संजय सेठ केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने कहा कि रांची के लोग यह संकल्प लें कि रांची को बदलना है। रांची को साफ-सुथरा बनाना है। इंदौर जो देश भर में साफ सुथरे शहरों ें प्रथम आता है। उसी तरह रांची भी वर्ष 2026 में साफ-सुथरा बने। इसके लिए जरूरी है कि निकाय चुनाव के दौरान अपने घर से जरूर निकलें और मतदान करें। वोटिंग बढ़ाने की तैयारी : सभी बूथों पर साज-सजावट के साथ सेल्फी प्वाइंट भी हरेक घर में पहुंचेगा वोटर स्लिप: डीसी रांची और बुंडू नगर निगम के सभी मतदाताओं का वोटर स्लिप उनके घरों में पहुंचाया जाएगा। एक भी घर नहीं छूटेगा। मॉडल बूथ बनाए जाएंगे। दिव्यांगों के लिए सभी बूथों पर व्यवस्था रहेगी। सभी बूथों पर साफ-सफाई, बिजली, पानी की व्यवस्था होगी। – मंजूनाथ भजंत्री, डीसी, रांची

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