इस साल 13 दिसंबर तक 206 हादसे, 201 लोगों ने जान गंवाई

अश्विनी/आरिफ |गुमला जिले में सड़क दुर्घटना थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटना के कारण सड़कें खून से लाल हो रही है। हर सप्ताह दो से तीन ऐसी बड़ी घटनाएं घट रही है जिसमें असमय लोग काल के गाल में समा जा रहे हैं। साथ ही कई की जिंदगी अपंगता का शिकार हो रही है। इनमें युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है। तेज रफ्तार व नशा दुर्घटना का मुख्य कारण है। जिला परिवहन विभाग से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो इस वर्ष 2024 के बीते ग्यारह माह 13 दिन अर्थात जनवरी से 13 दिसंबर तक 206 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। इन 206 सड़क दुर्घटना में 201 लोगों की मौत हो चुकी है। इस प्रकार औसतन हर माह 18 लोगों की मौत हुई है। जबकि उपरोक्त सड़क दुर्घटना में 60 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उपरोक्त माह में सर्वाधिक सड़क दुर्घटना जनवरी, फरवरी, मार्च और जुलाई माह में हुई है। जनवरी माह में 26, फरवरी माह में 23, मार्च माह में 20 व जुलाई माह में 19 दुर्घटना हुई है। जबकि जनवरी माह में 22, फरवरी माह में 24, मार्च माह में 20 व जुलाई माह में सर्वाधिक 18 मौत हुई है। जबकि पिछले साल के आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से 12 दिसंबर तक में कुल 183 सड़क दुर्घटना के मामले सामने आए थे। जिसमें से 181 लोगों की मृत्यु हो गई थी। जिले में अब तक हुए सड़क हादसे में सबसे ज्यादा मौतें बाइक सवार 20 से 30 आयु वर्ग के युवाओं की हुई है। युवा पीढ़ी के लोग जोश में आकर होश खो बैठ रहे हैं। बाइक स्टंट करने के चक्कर में वे अकारण मौत के मुंह में समा रहे हैं। घटना के बाद यह बात भी उभर कर सामने आई है कि हेलमेट नहीं पहनने के कारण मौत की मुख्य वजह सर में चोट लगना रहा है। लगातार हादसे के बाद भी युवक नहीं सुधर रहे हैं। सड़क दुर्घटना व मौत के आंकड़े संसाधन के बढ़ने व वर्ष बीतने के साथ तेजी से बढ़े है। पिछले वर्ष की तुलना में वर्ष 2024 में सड़क दुर्घटना व मौत के आंकड़ों में काफी वृद्धि देखी जा सकती है। जो सोचने को विवश कर देगा। वर्ष 2019 में 206 सड़क दुर्घटनाओं में 174 लोगों की मौत हुई थी। इसी तरह 2020 में 189 सड़क दुर्घटना में165 लोगों की मौत, 2021 में 223 सड़क दुर्घटनाओं में 203 लोगों की मौत, 2022 में 170 सड़क दुर्घटना में 149 मौत, वर्ष 2023 नवंबर माह तक में 183 सड़क दुर्घटना में 181 मौत हुई थी। इस तरह पिछले चार के आंकड़ों पर नजर डाले तो हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। 2022, 2023 व 2024 में घटित घटनाओं में अधिकारियों के विस्तृत समीक्षा से पता चला कि सबसे ज्यादा दुर्घटना के मामले दोपहर 3 बजे से रात के 12 बजे के बीच में घटित हुए हैं। इनमें ज्यादातर मामलों में बाइक दुर्घटना के मामले सामने आये हैं। समीक्षा में 58 प्रतिशत बाइक, 14 प्रतिशत ऑटो, 14 प्रतिशत ट्रक, 8 प्रतिशत कार, प्रतिशत कार एवं बस दुर्घटना 3 प्रतिशत शामिल है। वाहन से वाहन टकराने के मामले 60 प्रतिशत, पैदल यात्री से वाहन के टकराने के मामले 30 प्रतिशत, ज्यादा गति के कारण खुद से वाहन के चोटिल होने के मामले 10 प्रतिशत आये हैं।

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