इस हफ्ते बाजार के लिए 3 बड़े ट्रिगर:GDP डेटा और ट्रम्प टैरिफ पर नजर; निफ्टी के लिए 25,900 का लेवल पार करना जरूरी

भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा। अब सोमवार 23 फरवरी से शुरू हो रहे नए कारोबारी हफ्ते में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ से लेकर भारत के जीडीपी जैसे आर्थिक आंकड़ों तक, कई ऐसी चीजें हैं जो निवेशकों की जेब पर असर डालेंगी। चलिए समझते हैं कि इस हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… अब 3 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय करने में अहम होंगे… 1. ट्रम्प के नए टैरिफ और अमेरिका-भारत ट्रेड डील अमेरिका की टैरिफ से जुड़ी घोषणाओं पर पूरी दुनिया की नजर है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को ट्रम्प के दुनियाभर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया था। इस फैसले के बाद ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी देशों पर 10% टैरिफ लगाने की बात कही। फिर एक दिन बाद 21 फरवरी को ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% करने का ऐलान किया। बार-बार टैरिफ को लेकर किए जा रहे इस बदलाव से दुनियाभर में अनिश्चितता बढ़ गई है। इसी बीच भारतीय अधिकारी एक ट्रेड डील को फाइनल करने के लिए अमेरिका जा रहे हैं। इस डील से जुड़ी कोई भी पॉजिटिव खबर बाजार के लिए बूस्टर का काम कर सकती है। 2. शुक्रवार को आएंगे भारत के GDP के आंकड़े सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) 27 फरवरी को नई सीरीज के आधार पर GDP के अनुमान जारी करेगा। इसके अलावा सरकार के बजट आंकड़े, विदेशी मुद्रा भंडार और इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट के आंकड़े भी इसी हफ्ते आएंगे। ये आंकड़े बताएंगे कि भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार कैसी है। 3. FO एक्सपायरी से बढ़ेगी अस्थिरता फरवरी महीने की मंथली FO एक्सपायरी 24 फरवरी को है। आमतौर पर एक्सपायरी वाले हफ्ते में बाजार में काफी उठापटक देखने को मिलती है। ट्रेडर अपनी पुरानी पोजीशन को सेटल करते हैं या अगली सीरीज में ले जाते हैं, जिससे मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है। शुक्रवार को 316 अंक चढ़कर बंद हुआ था सेंसेक्स पिछले पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 0.2% चढ़ा। वहीं शुक्रवार को यह 316 अंक यानी 0.38% चढ़कर 82,814 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 इस हफ्ते 0.4% मजबूत हुआ। शुक्रवार को इसमें 117 अंक यानी 0.46% की तेजी आई और यह 25,571 पर बंद हुआ। डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी और सीखने के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।

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