ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण युद्ध के दौरान ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की एक हवाई हमले में मौत के बाद रविवार को लुधियाना की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इजरायल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। जामा मस्जिद में दोपहर की नमाज के बाद आयोजित शोक सभा को संबोधित करते हुए मजलिस अहरार इस्लाम हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका मिलकर सरकारी आतंकवाद फैला रहे हैं और पूरी दुनिया की खामोशी इस गुंडागर्दी को बढ़ावा दे रही है। शाही इमाम ने कहा कि अयातुल्ला खामेनेई सिर्फ ईरान के नहीं बल्कि विश्व भर के मुसलमानों के नेता थे। उनकी शहादत को सदियों तक याद रखा जाएगा। प्रदर्शन के दौरान लोग अयातुल्ला खामेनेई जिंदाबाद और इजरायल मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। शाही इमाम ने केंद्र सरकार से अपील की है कि ईरान के साथ भारत के पुराने और ऐतिहासिक संबंधों को देखते हुए अयातुल्ला खामेनेई के सम्मान में देश में राष्ट्रीय शोक घोषित किया जाए।


