ईसर-गौरा की पूजा कर महिलाओं ने मांगा अखंड सौभाग्य

सिटी रिपोर्टर | रांची रांची के माहेश्वरी समाज की सुहागिनों और युवतियों ने मंगलवार को गणगौर महोत्सव के अंतिम दिन श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में सुबह गणगौर कुंडों की परंपरानुसार पूजा-अर्चना की और कुंडों का विसर्जन किया। होलिका दहन की राख से तैयार ईशर-गौरा के कुंडों की घरों में लगातार पूजा की जा रही थी। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में सुबह 6 बजे से गणगौर पूजा शुरू हुई और दोपहर तक अनवरत जारी रही। गणगौर मिलन और विसर्जन के लिए दोपहर तीन बजे से समाज की महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ और शाम तक जारी रहा। हजारों की संख्या में पहुंची सुहागिनों और कुंवारी कन्याओं ने ईशर-गौरा की पूजा कर पूजित कुंडों का बड़ा तालाब पर बनाए गए घाट पर विसर्जन किया। मंदिर के सामने माहेश्वरी भवन में पूजन के लिए पहुंची महिलाओं और युवतियों के लिए गणगौर मेला लगाया गया, जिसमें कई प्रकार के लजीज व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए। महिलाओं ने मेले में शिरकत कर रात 8 बजे तक व्यंजनों का लुत्फ उठाया। कार्यक्रम के संयोजक शिव शंकर साबू के दिशा-निर्देशन में माहेश्वरी सभा के अलावा माहेश्वरी महिला समिति और माहेश्वरी युवा संगठन ने भी सहयोग दिया। महोत्सव को सफल बनाने में राज कुमार मारू, शिव शंकर साबू, किशन साबू, नरेंद्र लाखोटिया, गोवर्धन भाला, भारती चितलांगिया, मीडिया प्रभारी रश्मि मालपानी, बिमला फलोड़, विनय मंत्री, हेमंत चितलांगिया, कुमुद लाखोटिया, शारदा लड्डा, मनोज कल्याणी, मनमोहन नाहटा, बसंत लाखोटिया, मनोज काबरा, अशोक सोढाणी, प्रभात साबू, राजेश सोमानी, दीपक मारू, मनीष मारू, शारदा लड्डा लक्ष्मी चितलांगिया अर्चना साबू समेत अन्य का योगदान रहा। ^गणगौर का व्रत रखा और पूजा अर्चना कर पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। घर परिवार सुखी रहे। कुमुद लाखोटिया, रांची ^पहली बार व्रत रखा और गणगौर की पूजा अर्चना की। सुयोग्य पति और भरापूरा खुशहाल ससुराल मिले। जीवन में किसी तरह की परेशानी न हो। श्रुति चांडक, रांची

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