उज्जैन जिला अस्पताल व शवदाह गृह के रिकॉर्ड से खुलासा:इंदौर में 10 मौतों के बाद उज्जैन सेवाधाम आश्रम भेजे 86 बच्चे; 1 साल में इनमें से 17 मौतें

मप्र में दिव्यांग-अनाथ बच्चों और बुजुर्गों की देखरेख के नाम पर चल रहे आश्रमों में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। करीब एक साल पहले 10 बच्चों की मौत के बाद इंदौर के युगपुरुष आश्रम को बंद कर दिया गया था। बेहतर देखभाल का हवाला देकर यहां के 86 बच्चों को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में शिफ्ट कर दिया गया था। चौंकाने वाली बात ये है कि इन 86 बच्चों में से 17 बच्चों की जान जा चुकी है। यही नहीं, सबकी मौत का कारण भी एक ही बताया गया- ‘सांस लेने में तकलीफ।’
यह खुलासा उज्जैन जिला अस्पताल और विद्युत शवदाह गृह के रिकॉर्ड की पड़ताल से हुआ है। इससे मप्र के ऐसे आश्रमों में बच्चों की देखभाल, इलाज और मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गौरतलब है कि 25 दिसंबर 2024 को राज्य सरकार के निर्देश पर इंदौर के युगपुरुष आश्रम को बंद किया गया था। इसकी वजह थी कि जून-जुलाई 2024 में आश्रम में हैजे से 10 बच्चों की मौत हो गई थी। सरकार की जांच में सामने आया था कि आश्रम ने सिर्फ 5 मौतों की सूचना दी, जबकि 5 बच्चों के शव बिना पोस्टमार्टम परिजनों को सौंप दिए गए थे। युगपुरुष आश्रम बंद होने के बाद वहां रह रहे 86 विशेष बच्चों (34 लड़के और 52 लड़कियां) को उज्जैन भेजा गया। इनकी उम्र 5 से 23 वर्ष के बीच थी। शिफ्टिंग के एक माह के भीतर ही यानी 23 जनवरी 2025 से मौतों का सिलसिला शुरू हो गया।
उज्जैन के इलेक्ट्रिक शवदाह गृह के रिकॉर्ड में दर्ज नामों से पुष्टि होती है कि ट्रांसफर किए गए 86 बच्चों में से 17 की मृत्यु हो चुकी है। सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद इन बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। बड़ा सवाल: रिकॉर्ड खराब, फिर यहां क्यों भेजे बच्चे?
साल 2022 में भी सेवाधाम आश्रम में एक सप्ताह के भीतर 5 बच्चों की मौत हुई थी। इसके बावजूद यहां बच्चों को शिफ्ट करने के फैसले पर भी सवाल उठ रहे हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक इस आश्रम में जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच 38 लोगों की मौत हो चुकी है। 13 साल का राहुल 18 दिन से गायब …
इंदौर के आश्रम से सेवाधाम शिफ्ट हुआ 13 वर्षीय राहुल 18 दिन से गायब है। वह 5 फरवरी 2026 से आश्रम से बिना बताए चला गया है। आश्रम प्रबंधन ने भैरवगढ़ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई है। ऐसा कोई महीना नहीं गुजरा, जब कोई मौत न हुई हो
नाम मौत की तारीख
1. सुहानी(18) 23 जनवरी 2025
2. कविशा(8) 18 फरवरी 2025
3. विनीता(18) 11 मार्च 2025
4. किरण(19) 13 अप्रैल 2025
5. हिमानी(13) 6 मई 2025
6. बबलू(7) 28 जून 2025
7. संदेश(10) 23 जुलाई 2025
8. ध्वनि पारुल(12) 6 अगस्त 2025
9. पार्वती(20) 14 सितंबर 2025
10. कार्तिक(7) 16 अक्टूबर 2025
11. कुमकुम(18) 26 अक्टूबर 2025
12. स्वर्णा(12) 11 नवंबर 2025
13. छोटू उर्फ अटल(18) 20 नवंबर 2025
14. कृष्णा साहू(19) 7 दिसंबर 2025
15. निहारिका(19) 24 दिसंबर 2025
16. पवन(16) 27 दिसंबर 2025
17. खुशी(17) 13 जनवरी 2026 आश्रम संचालक का तर्क- बच्चों की स्थिति पहले से ही खराब थी
सेवाधाम आश्रम के संचालक सुधीर गोयल का कहना है कि यहां लाए गए बच्चों की स्थिति पहले से खराब थी। अधिकांश बच्चे बहुदिव्यांग, मिर्गी, टीबी, संक्रमण और अन्य गंभीर रोगों से पीड़ित थे। गोयल का दावा है कि मृत्यु के बाद संबंधित थाने को सूचना देकर पोस्टमार्टम कराया जाता है और बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार नहीं होता। कलेक्टर से विस्तृत रिपोर्ट मांगेंगे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को दूसरे आश्रमों में शिफ्ट करने पर विचार कर रहे हैं। कलेक्टर को पत्र लिखकर पूछा जा रहा है कि इन बच्चों की मौत आखिर किन हालात में हुई, इसकी विस्तृत रिपोर्ट दी जाए। जो बच्चे जीवित हैं, उनका हेल्थ चेकअप करवा रहे हैं।’

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