होलिका दहन से पहले ही धर्मनगरी उज्जैन रंगों में सराबोर नजर आ रही है। शहर के प्रमुख मंदिरों में फाग उत्सव शुरू हो चुका है और गुलाल और फूलों से जमकर होली खेली जा रही है। वैष्णव संप्रदाय के मंदिरों के साथ ही नई पेठ स्थित गजलक्ष्मी मंदिर, छत्री चौक स्थित गोपाल मंदिर और खाटू श्याम जी मंदिर में शनिवार को भक्त रंगों में सराबोर नजर आए। फाग उत्सव के तहत मंदिरों में भव्य आयोजन किए गए, जहां भक्ति, संगीत और रंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला। भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान के चरणों में आस्था अर्पित की और जमकर गुलाल उड़ाया। फूलों की होली ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के साथ होली खेलकर आशीर्वाद प्राप्त किया। दूसरे शहरों से भी पहुंचे भक्त ठाकुर की हवेली सहित कई वैष्णव मंदिरों में गुलाल और फूलों से होली खेली जा रही है। इस उत्सव में उज्जैन के अलावा देवास, इंदौर, रतलाम सहित अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पुजारी अनिमेश शर्मा ने बताया कि हर वर्ष बसंत पंचमी के बाद फाल्गुन मास की शुरुआत होती है, जो भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित माना जाता है। फाल्गुन माह में होली का पर्व विशेष उल्लास के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने राधाजी और गोपियों के साथ होली खेलकर रासलीला की थी, तभी से फाग महोत्सव की परंपरा चली आ रही है।


