उदयपुरवाटी नगरपालिका एक बार फिर विवादों में है। इस बार मामला खातेदारी कृषि भूमि पर कथित रूप से गलत तरीके से पट्टा जारी करने से जुड़ा है। पीड़ित पक्ष ने इस संबंध में झुंझुनू कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। खातेदारी भूमि पर कब्जे का आरोप मुस्लिम फकीर समाज के प्रतिनिधियों के अनुसार, ग्राम उदयपुरवाटी की सरहद में स्थित खाता संख्या 27 की कृषि भूमि (खसरा संख्या 2301, 3479/38, 2635) कुल 0.8200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में दर्ज है, जो समाज के खातेदारों के नाम है। समाज का आरोप है कि वर्तमान में इस भूमि पर पुलिस थाना उदयपुरवाटी का कब्जा है। उनका कहना है कि वर्षों पहले प्रशासन ने मूल खातेदारों को वहां से हटाकर पुराने पुलिस थाने (जो अब पशु चिकित्सालय के रूप में उपयोग में है) में स्थानांतरित कर दिया और भूमि पर कब्जा कर लिया। पट्टा जारी करने पर उठे सवाल आरोप है कि नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी (ईओ) ने पद का दुरुपयोग करते हुए पट्टा क्रमांक एलडी/उदयपुरवाटी/2025-26/347086/98 (दिनांक 20 फरवरी 2026) थानाधिकारी रामपाल मीणा के नाम जारी कर दिया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने 23 फरवरी 2026 को ही उपखंड अधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार को ज्ञापन देकर इस प्रक्रिया को रोकने की मांग की थी। इसके बावजूद संबंधित पट्टे का पंजीकरण कर दिया गया। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग मुस्लिम फकीर समाज ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित रूप से अवैध तरीके से जारी किए गए पट्टे को निरस्त करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस विवादित प्रकरण में क्या कदम उठाता है।


