उदयपुर के महाराणा प्रताप एयरपोर्ट, डबोक की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने वाली है। 887 करोड़ की लागत से बन रहा नया इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग अब अपने अंतिम चरण में है। करीब 40 हजार वर्गमीटर में फैले इस विशाल टर्मिनल का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। जून 2026 तक टारगेट है कि इसको पूरी तरह तैयार कर एयरपोर्ट अथोरिटी को हैंडओवर कर दिया जाए। खास बात यह है कि इस नए टर्मिनल के साथ ही उदयपुर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने की उम्मीदें भी हैं, क्योंकि यह नया ढांचा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लगभग सभी कड़े मापदंडों को पूरा करेगा। नया टर्मिनल बनने के बाद उदयपुर एयरपोर्ट की क्षमता में तीन गुना से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हो जाएगी। वर्तमान में यहां का टर्मिनल एक समय में केवल 680 यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है, जो नए टर्मिनल के चालू होते ही 2050 यात्रियों तक पहुंच जाएगी। विस्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फिलहाल यहां 2025 में सालभर में करीब 16.50 लाख यात्रियों की आवाजाही रही, लेकिन नया टर्मिनल सालाना 45 लाख यात्रियों (4.5 MPPA) का भार संभालने के लिए तैयार किया जा रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस टर्मिनल में यात्रियों के लिए चार नए एयरोब्रिज बनाए जा रहे हैं। इनके बनने के बाद कुल एयरोब्रिज की संख्या 6 हो जाएगी, यानी एक ही समय में 6 अलग-अलग विमानों से यात्री सीधे टर्मिनल में आ-जा सकेंगे। चेक-इन के लिए भी यात्रियों को लंबी कतारों से निजात मिलेगी, क्योंकि वर्तमान काउंटर्स के साथ 42 नए चेक-इन काउंटर्स जोड़े जा रहे हैं, जिससे इनकी कुल संख्या 55 हो जाएगी। टर्मिनल के भीतर अराइवल एरिया 16000 वर्ग मीटर और डिपार्चर एरिया 19000 वर्ग मीटर का होगा। सुरक्षा और तकनीक के लिहाज से भी यह टर्मिनल विश्वस्तरीय होगा। यहां सेल्फ बैगेज ड्रॉप, सेल्फ चेकिंग, वाई-फाई, बॉडी स्कैनर और ऑटोमेटिक-ट्रे जैसे सिस्टम लगाए जा रहे हैं। यात्रियों की आवाजाही के लिए 11 लिफ्ट और विज्ञापनों के लिए आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले सिस्टम होगा। पार्किंग की समस्या को देखते हुए 700 अतिरिक्त वाहनों की जगह बनाई जा रही है, जिससे कुल पार्किंग क्षमता 1000 वाहनों की हो जाएगी। पर्यटन नगरी होने के नाते नए टर्मिनल के भीतर मेवाड़ के आर्ट और कल्चर की विशेष झलक दिखाई देगी। टर्मिनल की दीवारों और परिसर में स्थानीय कलाकारों की कलाकृतियों को जगह दी जाएगी। साथ ही, शॉपिंग एरिया में ब्रांडेड शोरूम्स के अलावा 200 वर्गफीट का क्षेत्र स्थानीय स्वयं सहायता समूहों के लिए रिजर्व रहेगा, जहां वे मेवाड़ के हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित कर सकेंगे।
पिछले दिनों नागरिक उड्डयन मंत्री ने चितौडगढ़ सांसद सीपी जोशी को दिए जबाव में कहा था कि किसी भी एयरपोर्ट को इंटरनेशनल बनाने के लिए केवल रनवे और बिल्डिंग काफी नहीं होती। इसके लिए विदेशी एयरलाइंस की रुचि और द्विपक्षीय समझौतों की जरूरत भी होती है। ऐसे में इस नए एयरपोर्ट के बनने के बाद इंटरनेशनल फ्लाइट के जल्द शुरू की संभावनाएं बढ़ गई है। पिछले 10 साल में विमानों की आवाजाही में 85 फीसदी की ग्रोथ और हर दिन औसत 38 उड़ानें यह साबित करती हैं कि उदयपुर अब लंबी उड़ान के लिए पूरी तरह तैयार है। नया टर्मिनल बनने के बाद एयरपोर्ट की तस्वीर बदलेगी
1. क्षमता में तीन गुना इजाफा, अब एक साथ 2000 यात्री
वर्तमान टर्मिनल की क्षमता केवल 680 यात्रियों की है, जो नए टर्मिनल के बाद बढ़कर 2050 यात्री हो जाएगी। सालाना स्तर पर देखें तो अभी यहां 16.50 लाख यात्री आते-जाते हैं, लेकिन नया इंफ्रास्ट्रक्चर 45 लाख यात्रियों (4.5 MPPA) का वार्षिक भार संभालने के लिए तैयार किया गया है। 2. 6 विमान एक साथ, एयरोब्रिज की बढ़ी संख्या
अभी एयरपोर्ट पर एयरोब्रिज कम हैं, लेकिन नए निर्माण में 4 नए एयरोब्रिज जोड़े जा रहे हैं। इसके बाद कुल संख्या 6 हो जाएगी। इसका मतलब है कि एक ही समय में 6 अलग-अलग विमानों के यात्री सीधे टर्मिनल से प्लेन में चढ़ और उतर सकेंगे, जिससे समय की भारी बचत होगी। 3. चेक-इन में नहीं लगेगी कतार, 55 काउंटर्स की सुविधा
यात्रियों को चेक-इन के लिए लंबी लाइनों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। वर्तमान काउंटर्स के अलावा 42 नए चेक-इन काउंटर्स बनाए जा रहे हैं, जिससे कुल संख्या 55 हो जाएगी। साथ ही टर्मिनल पर बैगेज सेल्फ ड्रॉप और सेल्फ चेकिंग जैसी डिजिटल सुविधाएं भी मिलेंगी।
4. पार्किंग की बड़ी समस्या होगी खत्म, 1000 वाहनों की जगह
एयरपोर्ट पर परिजनों को छोड़ने आने वाले लोगों और किराए के वाहनों के लिए पार्किंग का दायरा बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में केवल 300 वाहनों की पार्किंग है, जिसमें 700 नई यूनिट्स जोड़ी जा रही हैं। अब कुल 1000 चार पहिया वाहन एक साथ पार्क हो सकेंगे। 5. इंटरनेशनल मानक पर तैयार, रनवे और सुरक्षा तंत्र मजबूत
नया टर्मिनल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के सभी कड़े मापदंडों को पूरा करता है। रनवे के साथ ही अब नए टर्मिनल में कस्टम और इमिग्रेशन के लिए विश्वस्तरीय सेटअप विकसित किया जा रहा है।


