उदयपुर जेल में बंद बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्‌ट को जमानत:सुप्रीम कोर्ट का सुझाव- समझौते से सुलझाएं मामला; 30 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप

फिल्म बनाने के नाम पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दोनों को नियमित जमानत (रेगुलर बेल) दे दी। विक्रम भट्ट के आज शाम तक उदयपुर जेल से बाहर आने की संभावना है। इससे पहले 13 फरवरी को श्वेतांबरी भट्‌ट को अंतरिम जमानत दी गई थी। वह जेल से बाहर आ चुकी हैं। विक्रम भट्‌ट को 7 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। कोर्ट का सुझाव- आपसी समझौते से सुलझाएं मामला सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम सुझाव भी दिया है। कोर्ट ने दोनों ही पक्षों को मिडिएशन सेल (मध्यस्थता केंद्र) में जाने को कहा है। कोर्ट का मानना है कि दोनों पक्षों को वहां उपस्थित होकर आपसी समझौते से इस मामले को सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए। कोर्ट ने कहा- यह कमर्शियल विवाद है विक्रम भट्ट के वकील कमलेश दवे ने कोर्ट में अपनी दलील पेश की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह एक तरह का कमर्शियल डिस्प्यूट (व्यापारिक विवाद) है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि इस मामले को मुंबई कोर्ट ट्रांसफर करने के लिए बेवजह मजबूर न किया जाए। भट्ट के वकील तर्क दिया कि इस फिल्म और प्रोजेक्ट से जुड़े ज्यादातर वेंडर और लोग मुंबई के ही रहने वाले हैं। ऐसे में मामले की कानूनी बारीकियों को समझते हुए कोर्ट ने जमानत की अर्जी स्वीकार कर ली। उदयपुर पुलिस मुंबई से पकड़कर लेकर आई थी 7 ​दिसंबर को उदयपुर डीएसपी छगन राजपुरोहित की 6 सदस्यीय टीम ने मुंबई पहुंचकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को उनके जुहू स्थित गंगाभवन कॉम्प्लेक्स के फ्लैट से गिरफ्तार किया था। यहां भट्ट के सुरक्षा गार्डों ने पुलिस को रोका भी था। सुरक्षा गार्डों ने पुलिस से कहा था कि साहब व उनकी पत्नी घर पर नहीं हैं। हालांकि पुलिस को हकीकत पता थी और दोनों गिरफ्तार कर लिए गए थे। व्यापारी की पत्नी की बायोपिक बनाने के नाम पर रुपए लिए राजस्थान के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने 17 नवंबर को विक्रम भट्ट समेत 8 लोगों के खिलाफ 30 करोड़ की धोखाधड़ी की FIR उदयपुर में दर्ज कराई थी। डॉ. अजय मुर्डिया का आरोप है कि एक इवेंट में उनकी मुलाकात दिनेश कटारिया से हुई थी। दिनेश कटारिया ने उन्हें पत्नी की बायोपिक बनाने का प्रस्ताव दिया। इस सिलसिले में दिनेश कटारिया ने 24 अप्रैल 2024 को मुंबई स्थित वृंदावन स्टूडियो बुलाया था। कटारिया ने उन्हें विक्रम भट्ट से मिलवाया, जहां भट्ट से बायोपिक बनाने पर चर्चा हुई थी। कुछ दिन बाद विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने डॉक्टर अजय मुर्डिया को कहा- 7 करोड़ रुपए और फाइनेंस करके वे 4 फिल्में 47 करोड़ में बना सकते हैं। इन फिल्मों की रिलीज से 100 से 200 करोड़ रुपए तक मुनाफा हो जाएगा। इसके बाद उनके स्टाफ में अमनदीप मंजीत सिंह, मुदित, फरजाना आमिर अली, अबजानी, राहुल कुमार, सचिन गरगोटे, सबोबा भिमाना अडकरी के नाम के अकाउंट में 77 लाख 86 हजार 979 रुपए ट्रांसफर करवाए। इस तरह 2 करोड़ 45 लाख 61 हजार 400 रुपए ट्रांसफर किए। वहीं इंदिरा एंटरटेनमेंट से 42 करोड़ 70 लाख 82 हजार 232 रुपए का भुगतान किया गया, जबकि चार फिल्मों का निर्माण 47 करोड़ में किया जाना तय हुआ था। विधानसभा में भी उठा था मामला यह मामला काफी समय से चर्चा में है। राजस्थान की विधानसभा में भी इसकी गूंज सुनाई दी थी। छबड़ा से विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने पिछले दिनों इस मुद्दे को सदन में जोर-शोर से उठाया था। ……
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डायरेक्टर विक्रम भट्ट को राहत नहीं,पत्नी जेल से रिहा होगी:सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 18 को; फिल्म बनाने के लिए 30 करोड़ की धोखाधड़ी फिल्म बनाने के नाम पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट की पत्नी श्वेतांभरी भट्ट को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अंतरिम जमानत दे दी। (पढ़िए पूरी खबर)

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