उदयपुर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश की है। दो अलग-अलग थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शातिर गांजा सप्लायर सहित 3 को पकड़ा है। इसमें आरोपी पिछले 4 महीनों से पुलिस की पकड़ से दूर था और उसे पकड़ने के हर संभव प्रयास हो रहे थे। पुलिस ने आरोपियों से 3 किलो 200 ग्राम सुखा गांजा भी बरामद किया है। उदयपुर एसपी योगेश गोयल ने बताया कि जिले की मांडवा थाना पुलिस ने क्षेत्र के पहाड़ी और दुर्गम रास्तों पर विशेष नाकाबंदी की। इसी दौरान आमोद रोड पर एक संदिग्ध बाइक को रोका गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी सकपका गए, जिसके बाद सघन तलाशी में बाइक पर रखे कट्टे से 03.200 किलोग्राम अवैध सूखा गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने चित्तौड़गढ़ निवासी लक्ष्मण और राधेश्याम को गिरफ्तार कर उनके तस्करी लिंक को खंगालना शुरू कर दिया है। चित्तौड़गढ़ बेल्ट के ये तस्कर ग्रामीण रास्तों का उपयोग कर मादक पदार्थों की खेप मारवाड़ तक पहुंचाने की फिराक में थे। वहीं, घंटाघर पुलिस ने एक ‘बैकवर्ड लिंकेज’ इन्वेस्टिगेशन में बड़ी कामयाबी हासिल की है। अक्टूबर 2025 में पकड़े गए तस्करों से मिली लीड पर काम करते हुए पुलिस ने कोटड़ा के दुर्गम इलाकों में दबिश दी और मुख्य सप्लायर रामलाल को दबोच लिया। आरोपी रामलाल बेहद शातिर तरीके से जंगलों और पहाड़ी रास्तों का फायदा उठाकर अवैध माल की सप्लाई चेन मैनेज कर रहा था। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क स्थानीय युवाओं को नशे की लत में धकेलने के लिए छोटे-छोटे पैकेट बनाकर सप्लाई करता था। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और संपत्ति की भी जांच कर रही है ताकि तस्करी से अर्जित अवैध कमाई पर ट्रैक किया जा सके।


