उदयपुर में एक लेपर्ड कुएं में गिर गया। लेपर्ड बार-बार कुएं की दीवारों पर चढ़ने की कोशिश करता, लेकिन असफल रहता। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम ने लेपर्ड को सबसे पहले सुरक्षित करने के लिए एक खटिया उतारी, जिस पर लेपर्ड बैठ गया। इसके बाद रस्से के सहारे पिंजरा नीचे उतारा गया, और लेपर्ड का रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। लेपर्ड करीब 4 घंटे तक 40 फीट गहरे कुएं में रहा। घटना उदयपुर जिले की भींडर तहसील के ग्राम पंचायत सवना के आलुखेड़ा गांव की आज साढ़े बारह बजे की है। शाम करीब सवा चार बजे लेपर्ड को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। पहले देखिए, लेपर्ड का रेस्क्यू से जुड़ी 5 PHOTOS…
40 फीट गहरे कुएं में फंसा था लेपर्ड मावली रेंजर राहुल सालवी के अनुसार, भींडर वन विभाग को ग्रामीणों से सूचना मिली कि एक लेपर्ड गांव के कुएं में गिर गया है। सूचना मिलते ही भींडर से वन विभाग की टीम तुरंत गांव के लिए रवाना हुई। उन्होंने देखा कि लेपर्ड लगभग 40 फीट गहरे कुएं में फंसा हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, उदयपुर से रेस्क्यू टीम को भी बुलाया गया। कुएं का एक हिस्सा ढहा हुआ था, जिससे स्थिति और भी खतरनाक हो गई थी। वन विभाग ने सबसे पहले घटनास्थल पर जमा भीड़ को हटाया और फिर कुएं के पास जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन की योजना बनाई। खटिया कुएं के अंदर उतारी, लेपर्ड डूबने से बचा मावली रेंजर राहुल सालवी, भींडर और मावली की टीमों के साथ मिलकर एक खटिया कुएं के अंदर उतारी। जैसे ही खटिया अंदर पहुंची, लेपर्ड पानी से निकलकर उस पर बैठ गया। जिससे लेपर्ड को कुछ सहारा मिला और वह डूबने से बच गया। टीम ने एक रस्सी के सहारे पिंजरा कुएं में उतारा और उसका गेट खुला रखा। काफी कोशिशों के बाद लेपर्ड पिंजरे में चला गया। फिर टीम ने दूसरी रस्सी की मदद से पिंजरे का गेट बंद कर दिया और उसे ऊपर खींच लिया। उदयपुर की टीम रास्ते में ही थी। लगभग 4:15 बजे लेपर्ड को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया। उसे पहले भींडर रेंज ले जाया गया और फिर वहां से बायो पार्क उदयपुर ले जाया जाएगा। वीडियो सहयोग : जयदीप चौबीसा, भींडर


